गोंडा की जिलाधिकारी (DM) प्रियंका निरंजन ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू गैस सिलेंडर वितरण को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने जिला पूर्ति विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि सभी गैस एजेंसियों पर बुक किए गए घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की उपभोक्ताओं के घरों तक डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। इससे गैस एजेंसियों पर भीड़ लगने से बचा जा सकेगा। जिलाधिकारी ने गैस वितरण की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी गैस एजेंसी या संबंधित अधिकारियों की ओर से गैस आपूर्ति में अनियमितता पाई गई, तो तत्काल जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने सभी एलपीजी गैस संचालकों को वितरण प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने का निर्देश दिया। एक महत्वपूर्ण निर्देश में, जिलाधिकारी ने कहा कि गोंडा जिले में जितने भी पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन धारक हैं, वे स्वेच्छा से अपने घरेलू गैस सिलेंडर कनेक्शन सरेंडर कर दें। ऐसा न करने पर संबंधित गैस एजेंसियों द्वारा उनके कनेक्शन बंद कर दिए जाएंगे। उन्हें केवल एक ही स्रोत से गैस मिलेगी, चाहे वह पीएनजी हो या घरेलू गैस। गैस एजेंसियों को भी यह निर्देश दिया गया है कि जिन उपभोक्ताओं के पास पीएनजी गैस कनेक्शन है, उन्हें घरेलू गैस सिलेंडर न दिए जाएं। ऐसे उपभोक्ताओं की गैस बुकिंग को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जाए। इस कदम का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में घरेलू गैस सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि सभी पूर्ति विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रत्येक उपभोक्ता तक समय पर गैस सिलेंडर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने दोहराया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पीएनजी गैस धारकों को अपने घरेलू गैस सिलेंडर त्यागने को कहा। डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति उपलब्ध है।
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