हाथरस भगदड़ मामले में गुरुवार को एक महिला कांस्टेबल की गवाही नहीं हो सकी। कांस्टेबल ने पति की बीमारी का हवाला देते हुए अवकाश का प्रार्थना पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल को निर्धारित की गई है। आरोपी पक्ष के अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंडीर ने बताया कि महिला कांस्टेबल शिल्पी को गवाही के लिए न्यायालय में उपस्थित होना था। पति की अस्वस्थता के कारण वह छुट्टी पर थीं, जिसके चलते वह कोर्ट नहीं आ सकीं। इस भगदड़ में इस महिला कांस्टेबल की भी चोट आई थी। यह मामला 2 जुलाई 2024 को सिकंद्राराऊ क्षेत्र में हुए सत्संग के बाद मची भगदड़ से संबंधित है। फुलरई मुगलगढ़ी गांव में ‘भोले बाबा’ के सत्संग के समापन के दौरान यह घटना हुई थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस भगदड़ में 121 लोगों की मौत हुई थी और 150 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए थे। सभी आरोपियों की हो चुकी है जमानत… पुलिस ने इस मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ लगभग 3200 पेज का आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया है। इसमें 676 गवाहों के बयान शामिल हैं। सभी आरोपियों पर आरोप तय हो चुके हैं और उन्हें जमानत भी मिल चुकी है। आरोपियों में देव प्रकाश मधुकर, मेघ सिंह, मुकेश कुमार, मंजू देवी, मंजू यादव, राम लड़ेते, उपेंद्र सिंह, संजू कुमार, रामप्रकाश शाक्य, दुर्वेश कुमार और दलवीर सिंह शामिल हैं।
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