amit Shah Explains hou 850-Seat Lok Sabha Number After Opposition Criticism on delimitation


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नई दिल्ली3 मिनट पहले

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गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को लोकसभा में परिसीमन और लोकसभा सीटों में बढ़ोतरी के बारे में बताया। - Dainik Bhaskar

गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को लोकसभा में परिसीमन और लोकसभा सीटों में बढ़ोतरी के बारे में बताया।

लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन बिलों पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को यह समझाने कि परिसीमन से किसी राज्य को नुकसान नहीं होगा। उन्होंने समझाया कि लोकसभा की सीटें 543 से 850 कैसे होंगी।

दरअसल, चर्चा के दौरान विपक्ष आरोप लगा रहा था कि परिसीमन से उत्तरी राज्यों को फायदआ होगा, जबकि दशकों से जनसंख्या वृद्धि में अंतर की वजह से दक्षिणी राज्य पीछे रह जाएंगे। कांग्रेस ने कहा कि ये बिल महिला आरक्षण के लिए नहीं बल्कि यह चोर दरवाजे से परिसीमन के लिए हैं।

शाह ने बताया- 850 का आंकड़ा कहां से आया

शाह ने बताया कि 850 का आंकड़ा कहां से आया। मैं समझाता हूं। मान लीजिए 100 सीटें हैं और 33% महिलाओं के लिए आरक्षण देना है। यदि कुल सीटों में 50% वृद्धि कर दी जाए, तो यह 150 हो जाती हैं। और जब 150 का 33% आरक्षण लागू होता है, तो यह लगभग 100 सीटों के बराबर हो जाता है।

अभी 543 सदस्य हैं। इसमें 50% वृद्धि की जाएगी और जब 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, तो सभी 543 सीटें ऐसी हो जाएंगी जहां महिलाएं भी चुनाव लड़ सकें। इसी तरह 50% वृद्धि का विचार आया। 850 एक राउंड आंकड़ा है, वास्तविक संख्या 816 होगी।

तमिलनाडु की सीटें 39 से 59 हो जाएंगी

शाह ने कहा, प्रस्तावित 50% सीट वृद्धि से दक्षिण भारत के हर राज्य को अधिक सीटें मिलेंगी। तमिलनाडु को 20, केरल को 10, तेलंगाना को 9 और आंध्र प्रदेश को 13 अतिरिक्त सीटें मिलेंगी। उत्तर प्रदेश के बाद लोकसभा में दूसरे सबसे अधिक सांसदों वाला राज्य महाराष्ट्र है, जिसे 24 अतिरिक्त सीटें मिलेंगी।

शाह बोले- परिसीमन कानून में कोई बदलाव नहीं

शाह ने कहा कि परिसीमन आयोग का कानून पूरी तरह मौजूदा कानून पर है। इसमें कोई बदलाव नहीं है। इसका चल रहे चुनावों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

परिसीमन विधेयक के अनुसार: – कुल सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी। – निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं 2011 की जनगणना के आधार पर फिर से तय की जाएंगी।

इन विधेयकों के जरिए संविधान के 7 अनुच्छेदों — 55, 81, 82, 170, 330, 332 और 334(ए) में संशोधन किया जाएगा।

संसद में 4 विपक्षी नेताओं के बयान

  • प्रियंका गांधी: 543 में से महिलाओं को 33% आरक्षण क्यों नहीं दे रहे। अगर पद खोने का डर नहीं तो कुछ लोग इसमें अपना पद खो दें। ताकि महिलाएं और ओबीसी वर्ग आ सके। ये आज ही कर दें, शुभ काम हो जाएगा काला टीका भी काम आ जाएगा।
  • असदुद्दीन ओवैसी: अगर ये तीनों बिल कानून बनते हैं, तो इस सदन में विपक्ष की आवाज लगभग खत्म हो जाएगी।
  • अखिलेश यादव: ये लोग पिछड़े वर्ग की 33 प्रतिशत महिलाओं को उनका हक नहीं देना चाहते हैं। जब परिसीमन की बारी आई तो इन लोगों ने पूरी रणनीति बनाई, कि कैसे क्षेत्र बनाए जाएं कि इसका फायदा इन लोगों को ही मिले।
  • टी आर बालू (डीएमके सांसद): तीनों संशोधन बिल ही सैंडविच बिल हैं, हम इनका विरोध करते हैं। हमने काले झंडे दिखाए।



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