संभल में स्मार्ट मीटर योजना से उत्पन्न समस्याओं को लेकर शुक्रवार को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। आजाद अधिकार सेना पार्टी के प्रदेश महासचिव खिजर गौस के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में प्रदेश सरकार और विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए, साथ ही आम उपभोक्ताओं को हो रही परेशानियों का जिक्र किया गया। ज्ञापन में बताया गया कि उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर योजना लागू होने के बाद से उपभोक्ताओं की सहमति के बिना जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और पुराने मीटर हटाए जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप अधिक और गलत बिलिंग, 500 रुपये तक के मामूली बकाया पर बिना सूचना के कनेक्शन काटना और कनेक्शन जोड़ने के लिए अतिरिक्त शुल्क वसूलना जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ी हैं। प्रदेश महासचिव खिजर गौस ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटरों में तकनीकी खामियों के कारण विद्युत आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय पर समाधान नहीं हो रहा है और विभाग द्वारा पर्याप्त जागरूकता न होने से उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति है। ज्ञापन में प्रमुख मांगें रखी गईं, जिनमें घरेलू कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तत्काल रोकने, पुराने मीटरों को न हटाने और स्मार्ट मीटर को केवल नए तथा वाणिज्यिक कनेक्शनों तक सीमित करने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, जिन उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लग चुके हैं, उन्हें पुनः साधारण मीटर लगाने का विकल्प देने की बात भी कही गई। अन्य मांगों में 5000 रुपये तक के बकाया पर कनेक्शन न काटने, कनेक्शन जोड़ने पर अतिरिक्त शुल्क समाप्त करने, स्मार्ट मीटर की स्वतंत्र जांच कराने और उपभोक्ताओं के लिए हेल्पलाइन/कंट्रोल रूम स्थापित करने की मांग की गई। ज्ञापन में नियमों को सार्वजनिक करने, लिखित सहमति अनिवार्य करने और गलत बिलिंग पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई गई। इस दौरान नोशाद शेख, पराग गर्ग, दीपक कुमार, फैज़ान खान, डॉ. शहनवाज, ज़रीफ़ मिर्ज़ा, गुलाम रब्बानी सहित कई लोग मौजूद रहे।
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