सीतापुर के लहरपुर थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का एक मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति द्वारा अपनी पहचान और पिता का नाम बदलकर विभिन्न सरकारी विभागों से फर्जी दस्तावेज बनवाने का आरोप है। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत कई संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बाराबंकी निवासी विनय कुमार ने वर्ष 2024 में न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि ग्राम गिरगिटपुर निवासी मनोज कुमार, जो वास्तव में ओम प्रकाश का पुत्र है। उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खुद को सोहन लाल का पुत्र बताया। आरोप है कि उसने वर्ष 1995 में चकबंदी विभाग से आदेश पारित कराकर राजस्व अभिलेखों में अपना नाम दर्ज करा लिया। आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवाया
वादी के अनुसार, आरोपी ने अपनी बदली हुई पहचान के आधार पर परिवहन विभाग से ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बनवा लिए। इतना ही नहीं, आरोप है कि नवंबर 2020 में उसने कथित मिलीभगत से फर्जी आय और निवास प्रमाण पत्र भी जारी करवा लिए। पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस मामले की शिकायत अगस्त 2020 से कई बार संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मजबूर होकर न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। एसडीएम और तहसीलदार की हो चुकी है मौत
कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद लहरपुर पुलिस ने आरोपी मनोज कुमार के साथ-साथ तत्कालीन संभागीय परिवहन अधिकारी, क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक, तहसीलदार और उपजिलाधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मामले की विवेचना उपनिरीक्षक मनोज कुमार गुप्ता को सौंपी है। बताया जा रहा है कि जिन तत्कालीन अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, उनमें से एसडीएम राधेश्याम और तहसीलदार रामदयाल की मृत्यु भी हो चुकी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है।
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