शाहजहांपुर के राजपुर नगला गांव में अंबेडकर प्रतिमा स्थापित करने और पुलिस-राजस्व टीम पर हमला करने के आरोप में ग्राम प्रधान समेत 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में की गई है। पुलिस के अनुसार, राजपुर नगला गांव में 18 अप्रैल की रात अंबेडकर प्रतिमा स्थापित की गई थी। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि प्रतिमा 14 अप्रैल को ही स्थापित कर दी गई थी। पुलिस ने पुष्टि की है कि यह प्रतिमा बिना किसी पूर्व अनुमति के लगाई गई थी। इससे पहले 14 अप्रैल को एक अन्य गांव में भी प्रतिमा स्थापित की गई थी, जिसकी जानकारी पुलिस को नहीं थी। 18 अप्रैल की रात पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। आरोप है कि ग्राम प्रधान और उनके सहयोगियों ने टीम पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान उन्होंने सरकारी कार्य में बाधा भी डाली। जलालाबाद थाने में उपनिरीक्षक द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, उन्हें 18 अप्रैल की रात सूचना मिली थी कि राजपुर नगला गांव में सामुदायिक भवन के पीछे ग्राम समाज की भूमि पर ग्राम प्रधान अवधेश यादव ने अपने 8-10 साथियों के साथ मिलकर सीमेंट के चबूतरे पर प्रतिमा स्थापित की है। मौके पर जांच करने पर सूचना सही पाई गई।
जांच और पूछताछ में सामने आया कि ग्राम प्रधान ने राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से ग्रामीणों को उकसाकर बिना अनुमति के यह प्रतिमा स्थापित कराई थी। नायब तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्राम प्रधान से प्रतिमा हटाने को कहा, जिस पर उन्होंने विरोध किया और टीम पर हमला कर दिया। एफआईआर में बताया गया है कि राजपुर नगला एक मिश्रित आबादी वाला गांव है, जिसके कारण ग्रामीणों में रोष है। पुलिस ने ग्राम प्रधान अवधेश यादव और उनके दस सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रतिमा स्थापित करने के लिए नियमानुसार अनुमति लेना आवश्यक होता है। दर्ज एफआईआर और एसपी ग्रामीण के अनुसार, प्रतिमा को 18 अप्रैल की रात स्थापित किया गया जबकि
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