उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का पुतला फूंका। यह विरोध आर्यन चाय वाले प्रकरण में अखिलेश यादव द्वारा कथित तौर पर एकतरफा सुनवाई करने को लेकर किया गया। घटना सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के चौकी चौराहा स्थित फेमस आयरन चाय वाले की दुकान के पास हुई। मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने लखनऊ में आर्यन चाय वाले और उसके पिता से मुलाकात कर उनकी बात सुनी, लेकिन वीडियो में शामिल अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की बात नहीं सुनी गई। उनका कहना है कि आर्यन के पिता की ओर से अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ युवकों के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया है, जो पूरी तरह से गलत है। पुतला फूंकने का निर्णय लिया गया पुतला फूंकने वाले मुस्लिम समाज के युवकों नाजिमुद्दीन, अब्दुल रहमान और मोहम्मद शरीफ ने बताया कि आर्यन चाय वाले की दुकान पर हुई मारपीट के मामले में दर्ज मुकदमा पूरी तरह से फर्जी है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने केवल आर्यन और उसके पिता की बात सुनी, जबकि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) में शामिल अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की बात को नजरअंदाज किया गया। युवकों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक उनकी बात नहीं सुनी जाएगी, वे समाजवादी पार्टी का बहिष्कार करते रहेंगे। इसी नाराजगी के चलते चौकी चौराहा पर अखिलेश यादव का पुतला फूंका गया। पुतला फूंकने से पहले, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक मैरिज हॉल में सभा आयोजित की। इस सभा में अखिलेश यादव द्वारा अल्पसंख्यक समाज की बात न सुनने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई और वहीं पर पुतला फूंकने का निर्णय लिया गया।
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