गाजियाबाद के पूर्व मेयर और भाजपा नेता आशु वर्मा ने लेंसकार्ट शोरूम पर ड्रेस कोड का विरोध किया। वह समर्थकों के साथ शोरूम पहुंचे, उन्होंने धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध को सनातनियों के खिलाफ बताया। साथ ही प्रबंधन को ऑपरेशन सिंदूर चलाने की धमकी भी दी। गाजियाबाद में शहर से कस्बों तक विरोध लेंसकार्ट कंपनी में ड्रेस कोड नीति लागू करने को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है। आज मुरादनगर, मोदीनगर, लोनी व गाजियाबाद शहर में भी विरोध हुआ। पूर्व महापौर आशु वर्मा आरडीसी स्थित लेंसकार्ट के शोरूम पर पहुंचे। जहां मैनेजर और कर्मचारियों एकत्र करते हुए कड़ी नसीहत दी। पूर्व मेयर ने कहा कि लेंसकार्ट प्रबंधन के हिंदू कर्मचारियों पर तिलक लगाकर, कलावा बांधकर या अन्य कोई धार्मिक प्रतीकों के साथ प्रतिष्ठान और कार्यालय पर प्रतिबंध लगाकर सनातनियों को छेड़ने का काम किया है। यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। आगे कहा कि कश्मीर में आतंकियों ने कलावा देखकर लोगों को मारा। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया। हमारी सरकार ने आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। लेकिन इसी तरह का रवैया रहा तो स्थानीय स्तर पर ऑपरेशन सिंदूर चलाने में वह खुद सक्षम हैं। धार्मिक आस्थाओं पर रोक बर्दाश्त नहीं आशु वर्मा के साथ पार्षद प्रदीप चौधरी ने कहा कि किसी भी निजी कंपनी को यह अधिकार नहीं है कि वह अपने कर्मचारियों की धार्मिक आस्थाओं और प्रतीकों पर रोक लगाए। सिख समाज के पवित्र प्रतीक हों या हिंदू धर्म के तिलक और कलावा, ये हमारी सनातन परंपरा और पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं। इनका अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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