ललितपुर में मंगलवार को समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल (सक्षम) ने संत सूरदास जयंती पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने संत सूरदास को हिंदी साहित्य और कृष्ण भक्ति धारा का उत्कृष्ट कवि बताया, जिन्होंने दृष्टिबाधित होते हुए भी समाज में अपना विशेष स्थान बनाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नेहरू महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ओमप्रकाश शास्त्री ने साहित्य के क्षेत्र में संत सूरदास की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्हें समाज के उत्थान के लिए एक आदर्श बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र को नया दृष्टिकोण देने में सूर साहित्य का अमूल्य योगदान है, जिसके माध्यम से समाज को प्रभावित करने वाले तात्कालिक कुठाराघातों से बचाकर जनमानस को नई दिशा मिलती है। नेहरू महाविद्यालय के संस्कृत सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ संत सूरदास जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सक्षम के जिलाध्यक्ष अक्षय अलया ने कहा कि संत सूरदास दृष्टिबाधित दिव्यांगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। सक्षम संगठन उन्हें अपना ब्रांड एंबेसडर मानते हुए राष्ट्रीय स्तर पर संत सूरदास जयंती मनाकर उनका स्मरण करता है। संगोष्ठी में डॉ. रामकुमार रिछारिया, डॉ. राजीव निरंजन और डॉ. अनिल सूर्यवंशी ने भी हिंदी साहित्य में संत सूरदास की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्हें समाज का आदर्श बताया। सक्षम के श्रमण प्रकोष्ठ प्रमुख संजीव सौरया ने संगठन की परिकल्पना स्पष्ट करते हुए कहा कि सक्षम की मान्यता है कि दिव्यांगता प्रकृति में अंतर्निहित विविधता का ही एक अभिन्न अंग है। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री अजय जैन ‘साइकिल’ ने किया। उन्होंने सक्षम द्वारा दिव्यांगों के उत्थान के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी और बताया कि सक्षम दिव्यांगों एवं प्रशासन के बीच सेतु का कार्य करते हुए उन्हें उनके अधिकार दिलाने के लिए समाज में सक्रिय है। इस अवसर पर प्रमुख रूप से डॉ. आशा साहू, डॉ. अरिमर्दन सिंह, डॉ. सूबेदार सिंह, डॉ. ओ.पी. चौधरी, डॉ. शैलेंद्र चौहान, डॉ. पराग अग्रवाल, डॉ. विनीत अग्निहोत्री, डॉ. धीरेंद्र तिवारी, डॉ. गिरेंद्र सिंह, संतोष सिंह, फहीम बक्श, ध्रुव किलेदार, अंकित चौबे, दीपक रावत, पुष्पेंद्र तिवारी, रविशंकर राठौर,वीरेंद्र जैन दीपक सिंघई और देवेंद्र जैन सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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