संभल में पिकअप लोडर लूटकर पिता-पुत्र की हत्या के मामले में, मृतकों की पत्नियों ने स्थायी सुरक्षा और सरकारी मदद की मांग को लेकर जिलाधिकारी (डीएम) डॉ. राजेंद्र पैंसिया से मुलाकात की। उन्होंने डीएम को एक प्रार्थना पत्र सौंपा, जिस पर डीएम ने सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया है। यह घटना 2 अप्रैल को हुई थी। जनपद संभल की तहसील गुनौर के थाना धनारी क्षेत्र के गांव भिरावटी निवासी नरेश यादव और उनके बेटे भीमसेन यादव को कैलादेवी क्षेत्र के गांव सौंधन की साप्ताहिक बाजार से मेरठ से लेवल लाने के लिए पिकअप लोडर बुक किया गया था। उसी रात तीन बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी थी। 6 अप्रैल को एसपी कार्यालय बहजोई पर धरना प्रदर्शन के बाद 7 अप्रैल को जनपद शामली के जंगल से दोनों के शव बरामद हुए थे। पुलिस ने इस मामले में 14 अप्रैल को एक लाख रुपये के इनामी बदमाश अरविंद पुत्र जोगिंदर, निवासी गांव रझेड़ा सलेमपुर, थाना कैलादेवी को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, उसका सगा भाई और इस मामले का एक अन्य बदमाश संतोष अभी भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए थाना धनारी पुलिस, एसओजी और सर्विलांस सहित पुलिस की छह टीमें लगातार लगी हुई हैं। मृतक भीमसेन यादव की पत्नी कुंतेश गर्भवती हैं और पूरा परिवार गरीबी में जीवन यापन कर रहा है। इस घटना के बाद परिवार को विभिन्न नेताओं और संगठनों से आर्थिक सहायता मिली है। गन्नौर के सपा विधायक रामखिलाड़ी यादव ने एक लाख रुपए, बीजेपी नेता संजीव यादव ने चार बच्चों को 50-50 हजार रुपए और घर खर्च के लिए 10,000 रुपए प्रतिमाह (कुल आठ लाख रुपये) की मदद की है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और ग्राम प्रधान डॉ. सुनील यादव ने भी एक लाख रुपए की सहायता प्रदान की है। नरेश की पत्नी गीता और भीमसेन की पत्नी कुंतेश ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित पांच सूत्रीय मांगों से संबंधित एक ज्ञापन डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया को सौंपा। इसमें उन्होंने आर्थिक सहायता, बच्चों की शिक्षा, परिवार के लिए सरकारी नौकरी या स्थायी सुरक्षा और जघन्य अपराध में संलिप्त दोषियों का एनकाउंटर कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
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