शिवपुर के चर्चित दहेज-हत्याकांड में आरोपी जेठ की जमानत खारिज:पापा की प्रिंसेस हसबैंड की क्वीन नहीं बन सकी…लिखकर फंदे पर लटकी थी युवती




वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र में चर्चित युवती की मौत में हत्या के आरोप में जेल में बंद आरोपियों की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी। मृतका के पति के बाद अब उसके बड़े भाई की जमानत अर्जी को कोर्ट ने सिरे से नकारते हुए न्यायिक रिमांड को जारी रखा। दहेज हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए प्रभारी सत्र न्यायाधीश, संध्या श्रीवास्तव की अदालत ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी जेठ अभिषेक सिंह और विवेक सिंह की प्रथम जमानत प्रार्थना-पत्र को खारिज कर दिया है। अदालत में जमानत अर्जी का विरोध वरिष्ठ अधिवक्ता विधान चंद्र सिंह यादव, एडवोकेट हृदयानंद यादव और संजय कुमार यादव ने किया। पहले बताते हैं पूरा मामला अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी नीरज राय ने अपनी पुत्री काजल राय का विवाह 16 नवंबर 2024 को नितेश कुमार सिंह के साथ किया था। विवाह में भारी भरकम खर्च और गहने देने के बावजूद, ससुराल पक्ष के लोग लगातार दहेज में कार की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर काजल को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। घटनाक्रम के अनुसार, 27 फरवरी 2026 को काजल का शव उसके ससुराल में पंखे से लटका मिला। मृतका ने मरने से पूर्व एक सुसाइड नोट भी लिखा था, जिसमें उसने मार्मिक रूप से अपनी व्यथा व्यक्त की थी “मेरे आत्महत्या करने के कारण मेरे ससुराल वाले हैं। पापा की प्रिंसेस, हसबैंड की क्वीन न बन सकी। महिला के परिजनों का आरोप लगाया था कि आरोपियों द्वारा मृतका के साथ छेड़छाड़ (‘बैड टच’) जैसी घृणित हरकतें भी की गई थीं और उसे गर्म रॉड से प्रताड़ित करने का प्रयास किया गया था। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि मृतका मानसिक रूप से बीमार थी और उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। अदालत ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आए निशानों और विवाह के मात्र दो वर्ष के भीतर हुई संदिग्ध मृत्यु को देखते हुए इन तर्कों को पर्याप्त नहीं माना। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि कथित अपराध की प्रकृति अत्यंत गंभीर है, जिसके कारण आरोपियों को जमानत पर रिहा किया जाना न्यायोचित नहीं होगा।



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