श्री राम मंदिर परिसर में सभी मंदिरों में दर्शन शुरू होने के बाद बढ़ी भीड़ को देखते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पुजारियों की संख्या बढ़ाने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। ट्रस्ट ने तीन चरणों में प्रशिक्षण और भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई है, जिससे आने वाले समय में व्यवस्था और सुदृढ़ हो सके। पहले चरण में दो प्रशिक्षित पुजारियों को रामलला की सेवा में लगाया गया। दूसरे चरण में 13 अर्द्ध प्रशिक्षित युवाओं को परकोटे के मंदिरों में सेवा के साथ प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तीसरे चरण में 14 नए प्रशिक्षुओं का चयन कर लिया गया है। इन सभी से आवासीय प्रशिक्षण के लिए सहमति भी ले ली गई है। प्रशिक्षण प्रक्रिया फिलहाल 29 अप्रैल तक टाल दी गई है। तीसरे चरण में 14 नए प्रशिक्षुओं का चयन इन सभी को मिलाकर राम मंदिर में पुजारियों और प्रशिक्षुओं की संख्या अस्थायी रूप से 49 तक पहुंच जाएगी। ट्रस्ट के मुताबिक, छह माह का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सभी 27 प्रशिक्षुओं को नियमित नियुक्ति दी जाएगी। प्रशिक्षण योजना के मुख्य आचार्य केशव शर्मा के 25 अप्रैल को हैदराबाद में विवाह के चलते वे अवकाश पर हैं। उनके लौटने के बाद प्रशिक्षण प्रक्रिया को गति दी जाएगी। आचार्य शर्मा विहिप के वेद विद्यालय, नई दिल्ली से जुड़े हैं और प्राण-प्रतिष्ठा से पहले से ही इस योजना का संचालन कर रहे हैं। ट्रस्ट के अनुसार, पूर्व में मिले 500 से अधिक आवेदनों में से योग्य अभ्यर्थियों को छांटकर पहले 20 पुजारियों को प्रशिक्षित किया गया था। अब उसी प्रक्रिया के तहत दूसरे बैच के लिए चयन किया गया है, जिसमें स्थानीय अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी गई है।
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