विशिष्ट लोक अभियोजक पोक्सो कोर्ट-2, झालावाड़ ने नाबालिग से रेप के आरोपी को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष जज ने आरोपी को दोषी पाए जाने पर यह फैसला सुनाया। विशिष्ट लोक अभियोजक दीपेश भार्गव ने बताया कि यह मामला 19 मई 2025 को खानपुर थाने में दर्ज किया गया था। पीड़िता की मां ने लिखित रिपोर्ट में बताया कि 17 मई को उनकी जेठ की बेटी की शादी खानपुर के एक निजी मैरिज गार्डन में थी। मां अपनी तीन बेटियों के साथ शादी में आई थीं और रस्मों में व्यस्त थीं, जबकि उनकी बेटियां गार्डन में घूम रही थीं। रात करीब 9 बजे जब उनकी 10 वर्षीय बेटी (पीड़िता) नजर नहीं आई, तो मां ने उसे मैरिज गार्डन और बाहर ढूंढा। गेट की तरफ से बेटी रोती हुई आती दिखी, लेकिन घबराई होने के कारण उसने कुछ नहीं बताया। 19 मई को पीड़िता ने अपनी मां को बताया कि शादी वाली रात आरोपी ने उसे यह कहकर बुलाया कि उसकी मम्मी ने उसे बाजार में बुलाया है। पीड़िता आरोपी के साथ बाइक पर चली गई। आरोपी उसे खेतों की तरफ ले गया, जहां एक खेत में रोककर उसने पीड़िता को नीचे पटक दिया। आरोपी ने पीड़िता के कपड़े फाड़कर उससे रेप किया। जब पीड़िता रोने लगी, तो आरोपी ने उसे डरा-धमकाकर वापस मैरिज गार्डन के पास छोड़ दिया। डर के कारण पीड़िता ने उस दिन किसी को घटना के बारे में नहीं बताया था। पीड़िता द्वारा मां को घटना बताने के बाद, मां ने बेटी के साथ खानपुर थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध प्रमाणित पाए जाने पर आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने त्वरित अनुसंधान करते हुए दो महीने के भीतर कोर्ट में चालान पेश किया था। विशिष्ट लोक अभियोजक दीपेश भार्गव ने राजस्थान सरकार की ओर से पैरवी करते हुए प्रकरण में 17 गवाह व 36 दस्तावेज पेश किए, इसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए दस साल के कठोर कारावास व 13 हजार रुपए के जुर्माने से दण्डित किया।
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