मिर्जापुर में कटरा कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2009 में हुए सरजील हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम की अदालत ने बुधवार को पिता-पुत्र समेत पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 28 सितंबर 2009 को आवास विकास कॉलोनी के पास हुई थी। मोटर साइकिलों की टक्कर के बाद विवाद शुरू हुआ। आमिर रोडवेज चौराहा की ओर से आ रहा था, तभी उसकी बाइक की शशि पांडेय उर्फ सरदार की बाइक से टक्कर हो गई। इस पर शशि ने गुस्से में आकर आमिर को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद मामला बढ़ गया। आमिर अपने साथियों के साथ चिंटू यादव के जिम पहुंचा और वहां से कुछ लोगों को साथ लेकर विंध्य नर्सरी स्कूल के पास पहुंचा। वहां दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। इसी दौरान चली गोली से सरजील नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी बाद में मौत हो गई। पुलिस ने नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया घटना के बाद कटरा कोतवाली में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले की सुनवाई के दौरान मृतक के पिता शकील अहमद सहित कुल 14 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें चार घायल गवाह भी शामिल थे। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने वंश नारायण पांडेय, उनके पुत्र ऋषि पांडेय, प्रमोद कुमार दुबे, बालकृष्ण दुबे और अंशुमाली को दोषी करार दिया। कोर्ट ने इन पांचों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए आर्थिक दंड भी लगाया है।करीब 17 साल पुराने इस मामले में आए फैसले को न्याय की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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