बागपत में बहादुर राठी हत्याकांड में कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 17-17 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला वर्ष 2016 का है, जब टीकरी कस्बे में पैसों के विवाद को लेकर बहादुर राठी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मृतक की पत्नी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने गवाहों और साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया। अभियोजन पक्ष के प्रस्तुत सबूतों को पर्याप्त मानते हुए कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। सजा पाने वालों में टीकरी निवासी नितिन और रोहटा निवासी अमित उर्फ मोनू शामिल हैं। सरकारी अधिवक्ता राहुल नेहरा ने बताया कि न्यायालय ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया है, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिला है। करीब एक दशक बाद आए इस फैसले को क्षेत्र में एक अहम न्यायिक निर्णय माना जा रहा है, जिसने यह संदेश दिया है कि गंभीर अपराधों में कानून अंततः दोषियों तक पहुंचता है।
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