जौनपुर में बदलते मौसम के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। दिन में तेज धूप और देर रात से सुबह तक हल्की ठंडक का असर देखा जा रहा है, जिससे सभी उम्र के लोग, विशेषकर बड़े, बुजुर्ग, सामान्य और गर्भवती महिलाएं बीमार पड़ सकते हैं। विशेषज्ञों ने ऐसे में अपनी सेहत का खास ख्याल रखने की सलाह दी है। मौसम के इस बदलाव से शरीर पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। दिन और रात के तापमान में अंतर के कारण सर्दी-जुकाम, बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, किसी भी उम्र के व्यक्ति को अपनी सेहत के प्रति सचेत रहना चाहिए। जौनपुर जिला महिला अस्पताल की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद राजभर ने बदलते मौसम में स्वस्थ रहने के लिए महत्वपूर्ण लक्षण और उपाय बताए हैं। उन्होंने कहा कि इन सलाहों का पालन कर मौसमी बीमारियों से बचा जा सकता है। डॉ. राजभर के अनुसार, सूती या लिनेन जैसे ढीले-ढाले, हल्के रंग के और हवादार कपड़े पहनें। धूप से बचाव के लिए 30 से अधिक एसपीएफ़ वाला सनस्क्रीन लगाएं, चौड़ी किनारी वाली टोपी और धूप का चश्मा पहनें। भीषण गर्मी से बचने के लिए बाहरी गतिविधियों और व्यायाम को सुबह जल्दी या देर शाम तक सीमित रखें। निर्जलीकरण या अत्यधिक गर्मी के लक्षणों जैसे चक्कर आना, सिर हल्का महसूस होना या अत्यधिक प्यास लगने पर तुरंत ध्यान दें। गुनगुने या ठंडे पानी से स्नान करें, खासकर बाहर रहने के बाद। गर्मी के कारण होने वाली सूजन को कम करने के लिए पैरों को बार-बार ऊपर उठाएं और पर्याप्त आराम करें। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति के लिए दिन भर में खूब पानी, नारियल पानी या ताजे फलों का रस पिएं। कैफीन और मीठे पेय पदार्थों का सेवन सीमित करें। घर या कार्यस्थल पर ठंडक बनाए रखें; एयर कंडीशनर का इस्तेमाल करें या ठंडी, छायादार जगहों पर समय बिताएं। हल्की फुहार के लिए छोटी स्प्रे बोतल का इस्तेमाल करें या गर्दन और माथे पर ठंडे, नम कपड़े लगाएं। डॉ. राजभर ने सलाह दी कि यदि आपको चक्कर आना, बेहोशी, तेज़ हृदय गति या गर्भवती महिलाओं में भ्रूण की हलचल में कमी जैसे लक्षण महसूस हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ये लक्षण गर्मी से थकावट या निर्जलीकरण के गंभीर संकेत हो सकते हैं।
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