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मुजफ्फरनगर में लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीनना से सलेमपुर गांव तक बनी तीन किलोमीटर लंबी नई सड़क पर घास उग आने के बाद, विभाग उसे हटाने के लिए दवा का छिड़काव करा रहा है। इस घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट सुमित मलिक ने इस सड़क के निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और बड़े पैमाने पर घपलेबाजी का आरोप लगाया था। उन्होंने शिकायत की थी कि सड़क का निर्माण हुए अभी कुछ ही समय बीता है और उसके किनारों पर घास उगनी शुरू हो गई है। शिकायत दर्ज होने के बाद, PWD विभाग ने समस्या की जांच करने के बजाय, गुरुवार को घास हटाने के लिए दवा का छिड़काव शुरू करा दिया। इस कार्य के लिए दो कर्मचारियों को स्प्रे मशीन के साथ मौके पर तैनात किया गया था। जब ग्रामीणों ने इन कर्मचारियों को सड़क किनारे दवा छिड़कते देखा, तो उन्होंने उन्हें रोककर पूछताछ की। कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के निर्देश पर यह कार्य करने के लिए भेजा गया है। ग्रामीणों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। इसके बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क का निर्माण गुणवत्तापूर्ण होता तो इतनी जल्दी उसके किनारों पर घास नहीं उगती। सुमित मलिक और अन्य ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी धन के दुरुपयोग और लापरवाही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। इस मामले को लेकर PWD के अधिशासी अभियंता अभिषेक सिंह का कहना है, कि अभी सड़क का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। उससे पहले ही आपत्ति उठाना सही नहीं है। हमने मानकों के मुताबिक निर्माण कराया है। हालांकि उगी घास पर स्प्रे किए जाने पर उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि स्प्रे किसने किया और किसने कराया, इसकी जानकारी नहीं है।
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