तस्वीर मुरादाबाद के जिलाधिकारी अनुज सिंह की है।
मुरादाबाद के डीएम अनुज सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने शुक्रवार देर रात एक महत्वपूर्ण प्रेस रिलीज जारी करके जिले में सक्रिय एजेंडा ब्लैकमेलर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है। दोनों अधिकारियों का कहना है कि कुछ ऐसे व्यक्ति और व्यक्तिय
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DM-SSP ने अपनी रिलीज में कहा है कि, विभिन्न सोशल मीडिया माध्यमों पर प्रसारित खबरों की मॉनिटरिंग के दौरान ऐसे प्रकरण सामने आ रहे हैं जिनमें महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामलों में भी वास्तविक जानकारी और संबंधित विभागीय अधिकारियों से पुष्टि किए बिना ही सनसनीखेज तरीके से सामान्य मामलों को आमजन के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। ऐसा कृत्य करने वाले व्यक्तियों द्वारा नकारात्मक मानसिकता के पोषक के रूप में किसी व्यक्ति अथवा संगठन के एजेंडे को प्रोत्साहित करके जिले की शांति और कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने का कुत्सित प्रयास मात्र प्रतीत हो रहा है।
व्हाट्सएप, ट्विटर, फेसबुक आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अभिव्यक्ति, घटना अथवा किसी मुद्दे को त्वरित गति से प्रसारित करने के सशक्त माध्यम हैं परन्तु प्रसारित करने वाले व्यक्ति की नैतिक, सामाजिक और राष्ट्रहित के दृष्टिगत यह सर्वाधिक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि अपने विचार साझा करने अथवा ब्रेकिंग न्यूज बनाने से पहले घटना की वास्तविकता से भलीभांति परिचित हो जाएं ताकि इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित खबरों की सुचिता बनी रहे और इनपर सक्रिय अन्य आमजनों तक अपुष्ट, निराधार तथा भ्रामक खबर न पहुंचे। वर्तमान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक ओर जहां प्रत्येक क्षेत्र में सकारात्मक रूप से सहयोगी बन रहा है वहीं दूसरी ओर इसके माध्यम से फोटो, वीडियो एडिट करके संभ्रांत व्यक्तियों/ संस्थाओं के प्रति दुष्प्रचार करने और छवि धूमिल करने की घटनाएं भी संज्ञान में आ रही हैं। निःसंदेह विचारों की अभिव्यक्ति देश के प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है परंतु अभिव्यक्ति के दौरान अन्य नागरिक और संस्थाओं के हितों और अधिकारों का अनादर भी न होने पाए, इसका विशेष ध्यान रखने की जिम्मेदारी से भी विमुख नहीं होना चाहिए।
देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकार गणों की निःसंदेह बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है। शांति और कानून व्यवस्था के मामलों में पत्रकार गणों की भूमिका और अधिक निष्पक्ष एवं जिम्मेदारीपूर्ण हो जाती है परंतु सामान्य तौर पर ऐसा देखा जा रहा है कि पत्रकार भी अपने मीडिया संस्थान के माध्यम से ब्रेकिंग न्यूज़ प्रसारित करने से पूर्व प्रकरण की पुष्टि करने का कोई प्रयास तक नहीं किया जाता है परिणामस्वरूप आमजन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिसकी वजह से प्रशासनिक अधिकारियों को शांति और कानून व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जो बिल्कुल उचित नहीं है। डीएम-एसएसपी ने संबंधित को यह निर्देशित किया है कि विभिन्न मीडिया माध्यमों पर किसी भी ऐसे कंटेंट को किसी भी दशा में प्रसारित न किया जाए जिससे आमजन, संभ्रांतजन, संवैधानिक, विधिक अथवा निजी संस्थाओं की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हो। किसी नकारात्मक मानसिकता के पोषक व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के समूह द्वारा राष्ट्रविरोधी अथवा शांति व्यवस्था को दुष्प्रभावित करने वाले एजेंडे को किसी भी दशा में प्रोत्साहित न किया जाए बल्कि ऐसे लोगों के बारे में प्रशासन को सूचित करके उनके विरुद्ध त्वरित दंडात्मक कार्यवाही को प्रभावी बनाने में सहयोग प्रदान करें
डीएम-एसएसपी ने कहा, उपरोक्त प्रकरण बेहद गंभीर और संवेदनशील है इसलिए पूरी सतर्कता और जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से पालन किया जाए। भविष्य में उपरोक्त निर्देशों का पालन न किए जाने की दशा में यह माना जाएगा कि संबंधित व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के समूह द्वारा जिले के सौहार्दपूर्ण माहौल को दुष्प्रभावित करने और कानून व्यवस्था को चुनौती दी जा रही है, परिणामस्वरूप कठोरतम एवं अभूतपूर्व कार्यवाही अमल में लाई जाएगी, जिसके लिए संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के समूह की होगी।