सनी गुप्ता, संभल8 मिनट पहले
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संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। उन्होंने रेल मंत्री को एक पत्र सौंपकर पांच दशक पुरानी संभल-गजरौला रेल लाइन के विस्तारीकरण को मंजूरी देने की मांग की। इसके अतिरिक्त, सांसद बर्क ने संभल, चंदौसी, बदायूं होते हुए दिल्ली तक नई रेल लाइन को भी मंजूरी देने का आग्रह किया।
सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने शनिवार रात 8 बजे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि की। उन्होंने रेल मंत्री को बताया कि यह मांग उनके दादा डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के समय से उठाई जा रही है। सांसद ने कहा कि संभल दिल्ली के करीब होने के बावजूद रेल कनेक्टिविटी की कमी के कारण व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ रहा है।
बर्क ने जोर दिया कि यह क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही आवश्यकता है। उनके दादा का भी सपना था कि संभल को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिले। सांसद के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने से व्यापारियों को कारोबार में सुविधा होगी, छात्रों को शिक्षा के लिए आने-जाने में आसानी होगी, युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और मरीजों को बड़े शहरों में इलाज के लिए पहुंचने में राहत मिलेगी।
वर्तमान में, संभल के हातिम सराय रेलवे स्टेशन से बिलारी, राजा का सहसपुर और मुरादाबाद तक दिन में दो बार दो डिब्बे वाली डेमो ट्रेन का संचालन होता है। पहले यहां मालगाड़ी भी आती थी, जिसे काफी समय पहले बंद कर दिया गया है। जब भी केंद्र सरकार रेल बजट जारी करती है, सामाजिक संगठन इस रेल लाइन के विस्तारीकरण की मांग उठाते हैं, लेकिन उनकी उम्मीदें पूरी नहीं हो पाती हैं।
वर्ष 2014 में, जब नरेंद्र मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने, तब संभल लोकसभा सीट से भाजपा के सत्यपाल सिंह सांसद चुने गए थे। उन्होंने भी संभल-गजरौला रेल लाइन विस्तारीकरण का मुद्दा उठाया था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। हालांकि, उनके कार्यकाल में संभल हातिमसराय रेलवे स्टेशन का कायाकल्प अवश्य किया गया था।