पीलीभीत4 मिनट पहले
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बदायूं के सैजनी गांव स्थित एचपीसीएल (HPCL) प्लांट में हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में मृतक सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा के परिजनों ने पुलिस जांच पर सवाल उठाए हैं। रविवार को पीलीभीत के पूरनपुर स्थित अपने आवास पर आयोजित एक प्रेस वार्ता में हर्षित के पिता सुशील मिश्रा ने कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे कोतवाली के सामने आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।
सुशील मिश्रा ने प्रेस वार्ता में बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की न्यायप्रियता पर पूरा भरोसा है। हालांकि, उन्होंने शिकायत की कि स्थानीय स्तर पर उनकी मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं होने दी जा रही है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा दिलाने के लिए उनकी जल्द से जल्द मुख्यमंत्री से मुलाकात कराई जाए।
परिजनों ने 12 मार्च को हुई इस वारदात में एचपीसीएल प्लांट के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी संदेह जताया है। सुशील मिश्रा के अनुसार, गोली लगने के बाद हर्षित और डीजीएम सुधीर गुप्ता लगभग 40 मिनट तक प्लांट में ही पड़े रहे। आरोप है कि इस दौरान वहां मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने में देरी की। अस्पताल पहुंचने में डेढ़ घंटे से अधिक का समय लगा, जिसे परिजनों ने मौत का एक प्रमुख कारण बताया।
परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया है। उनका आरोप है कि पुलिस मुख्य आरोपियों के परिवार के सदस्यों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह ने खुद समर्पण किया था, पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया। परिजनों ने पुलिस को मुख्य आरोपी के पिता, ताऊ और भाई सहित कई अन्य नाम भी सौंपे हैं, लेकिन पुलिस ने अभी तक इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।