UPMSP Guideline: Action Against Schools For Expensive Books



उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की है। सचिव भगवती सिंह ने प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) और संयुक्त शिक्षा निदेशकों को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि स्कूलों में केवल परिषद द्

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​निजी स्वार्थ के लिए महंगी किताबें थोपने पर होगी कार्रवाई

​बोर्ड के संज्ञान में आया है कि कुछ विद्यालय और पुस्तक विक्रेता आपसी साठगांठ कर छात्रों को अनधिकृत निजी प्रकाशकों की किताबें और गाइड खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। ये किताबें परिषदीय किताबों की तुलना में 149% से 361% तक महंगी हैं। सचिव ने निर्देश दिया है कि यदि कोई प्रधानाचार्य, प्रबंधक या शिक्षक छात्रों को ऐसी गाइड या किताबें खरीदने के लिए बाध्य करता है, तो उनकेखिलाफ इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 के विनियम-18 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

​असली पुस्तक की पहचान 7 अंकों का सीरियल नंबर

​बाजार में नकली या पाइरेटेड किताबों की पहचान के लिए परिषद् ने इस बार विशेष सुरक्षा फीचर दिया है। असली पाठ्यपुस्तक के मुख्य पृष्ठ (कवर पेज) पर 7 अंकों का अल्ट्रा वॉयलेट फ्लोरोसेंट लाल रंग में सीरियल नंबर मुद्रित कराया गया है। जिस पुस्तक पर यह नंबर नहीं होगा, उसे अनधिकृत माना जाएगा और संबंधित विक्रेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​15 अप्रैल तक ‘पुस्तक मेला’ आयोजित करने के निर्देश

​अभिभावकों को जागरूक करने और सस्ती दर पर किताबें उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक जनपद के राजकीय एवं सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में 15 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से ‘पुस्तक जागरूकता एवं सुलभता शिविर’ (पुस्तक मेला) आयोजित किए जाएंगे। इन मेलों में अधिकृत मुद्रकों—पायनियर प्रिंटर्स (आगरा), पीताम्बरा बुक्स (झांसी) और सिंघल एजेंसीज (लखनऊ)—की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।



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