चाय बागान कर्मयोगियों ने निहारी रामलला की मनोहारी छटा:पीएम मोदी की प्रेरणा पर मनोहारी टी एस्टेट के प्रबंधन ने उठाया यह कदम




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से तीर्थाटन पर आए चाय बागान कर्मयोगियों (श्रमिकों) को केवल श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ही नहीं अपितु पूरी अयोध्या बहुत भाई। पहली बार असम के चाय बागान से निकल कर देश के अन्य हिस्से में पहुंचे कर्मयोगी पूरी तरह कौतूहल से भरे नजर आए।
ओसोम के डिब्रूगढ़ स्थित चाय बागान मनोहारी टी एस्टेट पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिनों जब बागान कर्मयोगियों (श्रमिकों) से वार्ता की तो उन्होंने पाया कि बाहर की दुनिया से अनजान इन श्रमिकों को देश के धार्मिक स्थलों का भ्रमण कराया जाय। उन्होंने इसकी प्रेरणा मनोहारी टी एस्टेट के प्रबंधन को दी। एस्टेट प्रबंधन व अशोक सिंघल फाउंडेशन ने संयुक्त रूप से बागान कर्मयोगियों (श्रमिकों) की तीर्थाटन कराने का दायित्व लिया और पहले दल के रूप में रविवार भोर 30 कर्मयोगियों का दल कारसेवकपुरम् पहुंचा। दल ने हनुमानगढ़ी, दशरथ महल, कनक भवन आदि मंदिरों के दर्शन किया स्नान आदि के बाद सभी लोगों ने मां सरयू, नागेश्वर नाथ के दर्शन किए और वीणा चौक राम की पैड़ी पर वहां के दृश्यों का आनंद लिया। दल के सदस्यों ने हनुमानगढ़ी, दशरथ महल, कनक भवन आदि के दर्शन करते हुए रोमांच महसूस किया और अपने धार्मिक स्थानों को समीप से जाना। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचा दल वहां की कलात्मकता देख भाव विह्वल हुआ और एक बारगी उसे भरोसा नहीं हो रहा था कि व इस भव्य मंदिर में स्वयं को खड़ा पा रहा है। रामनामी ओढ़ा कर सम्मानित करने के साथ सभी को प्रसाद भेंट किया गया परिसर को आश्चर्य भरी नजरों से देखते हुए दल के सदस्य अंगद टीला परिसर से स्थित सीता रसोई पहुंचे जहां उन्होंने मीडिया को अपने अनुभव साझा किया। श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने कर्मयोगियों के सम्मान में वहां सहभोज का आयोजन किया। अंत में रामनामी ओढ़ा कर सम्मानित करने के साथ सभी को प्रसाद भेंट किया गया। इस अवसर पर न्यासी डॉ. अनिल मिश्र ने यात्रा की जानकारी दी और धन्यवाद ज्ञापित किया। धनंजय पाठक,सुबोध मिश्रा रामशंकर उर्फ टिन्नू, उमेश पोरवाल, रजनीश, आदि के साथ अशोक सिंघल फाउंडेशन के प्रतिनिधि ब्रजेश पाठक, नितेश आदि भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
कर्मयोगियों का नेतृत्व कर रहे रूपम गोगोई, अजित मुरा, दिलीप पूर्त्या, बसू नायक संजीब धान ने आतिथ्य के लिए सबका आभार व्यक्त किया। अपरान्ह 4 बजे यह दल काशी के लिए प्रस्थान कर गया।



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