आप की रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा:चौथे दिन मथुरा पहुंचने पर हुआ स्वागत,बेरोजगारी और सामाजिक अन्याय पर संजय सिंह, बोले युवाओं का भविष्य बर्बाद नहीं होने देंगे




उत्तर प्रदेश में बेरोज़गारी, अन्याय और सामाजिक असमानता को मुद्दा बनाते हुए आम आदमी पार्टी आगरा से मथुरा रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो पदयात्रा निकाल रही है। 3 अप्रैल को आगरा से शुरू हुई पदयात्रा चौथे दिन हाथरस के सादाबाद से होते हुए मथुरा पहुंची। पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में निकल रही पदयात्रा के मथुरा पहुंचने पर पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने जोशीला स्वागत किया। संविधान निर्माता की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण आम आदमी पार्टी के नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में यह पदयात्रा सोमवार सुबह 10 बजे बिहारी जी फार्म हाउस, सादाबाद–बलदेव रोड, हाथरस से शुरू होकर मथुरा की सीमा में प्रवेश करते हुए बिसावर के रास्ते अग्रवाल रिसॉर्ट तक पहुँची। मथुरा में पहुंचते ही संजय सिंह ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए वहां एक जनसभा को संबोधित किया। इसके बाद उन्होंने अपनी आगे की यात्रा शुरू की। भर्ती प्रक्रिया या तो लटकी या भ्रष्टाचार में अटकी: संजय सिंह पदयात्रा का जगह जगह युवाओं, वकीलों, महिलाओं और बुजुर्गों ने पुष्पवर्षा और मालाओं के साथ स्वागत किया। इस दौरान शिक्षामित्र, आशा बहुएं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और रेडी पटरी दुकानदारों ने अपनी समस्याएं साझा करते हुए रोजगार और सम्मान की मांग उठाई। बेरोजगारी के मुद्दे पर संजय सिंह ने प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में लाखों पद खाली होने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया या तो लटकी हुई है या भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। उन्होंने बताया कि 2023-24 में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की कई भर्तियां जैसे पीईटी आधारित पद महीनों तक अटकी रहीं, जिससे लाखों युवाओं को बार-बार परीक्षा देनी पड़ी। मथुरा में ही हाल के वर्षों में संविदा और आउटसोर्सिंग के नाम पर स्थायी नौकरियों को खत्म किया गया, जिससे स्थानीय युवाओं में भारी असंतोष है। उन्होंने कहा कि मथुरा के शिक्षामित्रों और ग्राम रोजगार सेवकों ने कई बार धरना देकर अपनी मांगें उठाईं, लेकिन सरकार ने उनकी सुनवाई नहीं की। दलितों पर बढ़े अत्याचार राज्यसभा संजय सिंह ने कहा कि बेरोजगारी दर के बढ़ते आंकड़े और रोजगार के अवसरों की कमी यह दिखाती है कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। सामाजिक न्याय के मुद्दे पर उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में दलितों के खिलाफ अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि 2025 में मथुरा के नौहझील क्षेत्र में एक दलित परिवार के साथ दबंगों द्वारा मारपीट और सामाजिक बहिष्कार का मामला सामने आया, जिसमें पुलिस कार्रवाई में देरी हुई। इसके अलावा हाथरस में ही पिछले वर्ष एक दलित युवक के साथ सार्वजनिक रूप से अपमानजनक व्यवहार और मारपीट की घटना ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। संजय सिंह ने कहा कि ये अकेली घटनाएं नहीं बल्कि एक पैटर्न है, जिसमें दलितों को न्याय पाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि एनसीआरबी के हालिया आंकड़े भी यह दर्शाते हैं कि उत्तर प्रदेश दलित उत्पीड़न के मामलों में शीर्ष राज्यों में बना हुआ है, जो सरकार की विफलता का स्पष्ट प्रमाण है। आप दिल्ली के पूर्व विधायक और उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी दिलीप पाण्डेय ने कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनता की आवाज़ है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का हर युवा, हर महिला और हर मेहनतकश वर्ग आज अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बेरोजगारी और सामाजिक अन्याय के खिलाफ यह लड़ाई अब हर घर की लड़ाई बनेगी और आम आदमी पार्टी इसे अंत तक लड़ेगी। यह रहे मौजूद पदयात्रा में दिल्ली विधायक विशेष रवि, अनिल झा, सभाजीत सिंह, दिनेश पटेल, ब्रज प्रांत डॉ हृदेश चौधरी, जिलाध्यक्ष भगत सिंह, प्रभारी अश्वनी मिश्रा, महानगर अध्यक्ष प्रवीण भारद्वाज, अजय गौतम, रवि भारद्वाज, जुबेर खान,अंकित चौधरी, सोनू फौजी, चंद्रशेखर, चेतन भगत, मधुर सेठ, निर्मल शर्मा, राकेश अग्रवाल, कृष्ण कुमार, जीवन लाल, आदि मौजूद रहे।



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