तमाम अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से शिकायत की है प्राइवेट स्कूलों में मनमानी फीस वसूली जा रही है। इस शिकायत को प्राथमिकता से लेते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेंद्र प्रताप सिंह ने सख्त आदेश जारी किया है। उन्होंने सभी मान्यता प्राप्त स्कूल संचालकों को निर्देशित किया है कि उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम- 2018 तथा 2020 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। जारी पत्र के अनुसार, प्रत्येक विद्यालय को हर शैक्षणिक सत्र शुरू होने से कम से कम 60 दिन पहले अपनी फीस संरचना की विस्तृत जानकारी विद्यालय के सूचना पट्ट एवं वेबसाइट पर सार्वजनिक करनी अनिवार्य है। इसमें पिछले वर्ष, वर्तमान वर्ष और आगामी सत्र के लिए प्रस्तावित शुल्क एवं निधि का पूरा विवरण शामिल होना चाहिए। फीस बढ़ाने के पहले समिति से लेना होगा अनुमाेदन DIOS भोलेंद्र सिंह ने बताया कि यदि कोई विद्यालय निर्धारित सीमा से अधिक फीस वृद्धि करना चाहता है, तो उसे सत्र शुरू होने से कम से कम तीन माह पूर्व आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रस्ताव जिला शुल्क नियामक समिति के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि जनपद के अधिकांश विद्यालय इन नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। कई स्कूल न तो अपनी फीस संरचना सार्वजनिक कर रहे हैं और न ही अभिभावकों को पारदर्शी जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। यह स्थिति अधिनियम के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन मानी जा रही है। पालन न करने पर होगी कड़ी कार्रवाई: DIOS उन्होंने कहा कि सभी विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि वे शैक्षणिक सत्र 2024-25, 2025-26 और वर्तमान सत्र 2026-27 की फीस एवं निधि से संबंधित पूरी जानकारी तीन दिन के भीतर विद्यालय के सूचना पट्ट और वेबसाइट पर प्रदर्शित करें। साथ ही यह जानकारी संबंधित कार्यालय में भी उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा में निर्देशों का पालन न करने वाले विद्यालयों के खिलाफ अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें मान्यता पर प्रभाव पड़ने के साथ अन्य दंडात्मक कदम भी शामिल हो सकते हैं। इस कार्रवाई से अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि से परेशान थे।
Source link