सिद्धार्थनगर सीएमओ कार्यालय में ‘पटल साम्राज्य’ का विस्फोट:एक ही कर्मचारी के कब्जे में चिकित्सा प्रति पूर्ति, स्टेट बजट समेत कई संवेदनशील पटल

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सिद्धार्थनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में पटल आवंटन को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता रोहित त्रिपाठी ने जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन से विस्तृत शिकायत की है, जिसके बाद डीएम ने जांच के संकेत दिए हैं। इस मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ता रोहित त्रिपाठी ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि सीएमओ कार्यालय में वरिष्ठ सहायक विवेक तिवारी के पास एक साथ कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील पटल हैं। इनमें चिकित्सा प्रतिपूर्ति, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), स्टेट बजट, अंधता निवारण कार्यक्रम के क्रय संबंधी, कंटीजेंसी तथा छपाई/लेखन सामग्री पटल शामिल हैं। इन सभी पटलों का एक ही कर्मचारी के पास होना प्रशासनिक संतुलन को प्रभावित करता है और वित्तीय नियंत्रण को एक व्यक्ति तक सीमित कर देता है। चिकित्सा प्रतिपूर्ति, एनएचएम और स्टेट बजट जैसे पटल करोड़ों रुपये के बजट और भुगतान प्रक्रियाओं से सीधे जुड़े होते हैं। ऐसे में, कार्यों का यह केंद्रीकरण संभावित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की आशंका को बढ़ाता है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि शासनादेश के अनुसार, किसी भी कर्मचारी की एक पटल पर अधिकतम तैनाती अवधि तीन वर्ष निर्धारित है। हालांकि, आरोप है कि संबंधित कर्मचारी विवेक तिवारी तीन वर्ष से अधिक समय से लगातार इन्हीं पटलों पर कार्यरत हैं। इसे नियमों का उल्लंघन बताया गया है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है।

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