आजमगढ़ में कृषि विभाग के कर्मचारी पर दर्ज हुआ मुकदमा:गांव में रहने वाले किसानों को गांव के बाहर बताने का आरोप, सत्यापन में सामने आया मामला




आजमगढ़ जिले के सिधारी थाने में कृषि विभाग के कर्मचारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। जिला प्रशासन जिले में किसानों की फार्मर आईडी बनाने के लिए लगातार सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी कराया था। इसके साथ ही फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों का विभाजन भी किया था। प्रशिक्षण में इस बात के भी निर्देश दिए गए थे कि कोई भी पात्र किस सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से वंचित न रहे। इसके बाद भी हरिहर यादव पदनाम गुप सी ATC द्वारा पिछले कई माह में विभिन्न स्तरो निस्तर दिये गये निर्देशो के बावजूद भी निर्देशो एवं आदेशो की अवहेलना की जाती रही। इनके द्वारा ग्रामो में जाकर किसानो से सम्पर्क स्थापित कर फार्मर आई न बनाकर उन्हे लाभ से वंचित रहने का षड़यत्र किया। बार-बार सूचना लिए जाने पर इनके द्वारा गलत सूचना दी गयी जैसे लाभार्थी लापता है।।गाँव से बाहर है। मो. पर ओटीपी नही आती है। नाम मिसमैच बताकर जिला प्रशासन को गुमराह करता रहा। उक्त के अतिरिक्त इनके द्वारा विभागीय शासकीय कार्य से विरत रहने की भी धमकी दी गयी। सत्यापन करने पर खुला मामला
जिला प्रसासन द्वारा आयोजित विशेष कैम्प के माध्यम से अन्य विभागो के जिला स्तरीय अधिकारी को गांव में भेजकर बचे हुए किसानो को ग्राम में एक स्थान पर बुलाकर सत्यापन कराने पर पाया गया कि इनके द्वारा 59 किसानो को पोर्टल पर गलत मार्क किया गया था। 59 किसानो को ग्राम के बाहर दिखाया गया था। 59 ग्राम में मिले। ताकि इन किसानो की फार्मर रजिस्ट्री न बन सके और ऐ सरकार द्वारा मिलने वाले वित्तीय लाभ से वंचित रहे। विशेष बात यह है कि इस ग्राम में पूर्व में भी विशेष कैम्प का आयोजन किया था। किसानो का सत्यापन कराया गया था। फिर भी इनके द्वारा जानबूझ कर इन किसानो कको पोर्टल पर गलत मार्क कर ग्राम के बाहर दिखाना इनकी गलत मानसिकता व षड्यत्र करके ग्राम के गरीब किसानो को सरकार द्वारा दिये जाने वाले वित्तीय लाभ से विरत रहना दिखाता है। इससे स्पष्ट है कि हरिहर यादव पदनाम ATC आजमगढ़ द्वारा अपने विभागीय दायित्वो का निर्वहन न करके लाभार्थियो को सरकार की महत्वाकांक्षी योजना से वित्ती. लाभ मिलने वाले से वंचित रखकर उनका मानसिक शोषण किया जा रहा है। शासन व जिला प्रशासन का पालन नही किया जा रहा है। तथा किसानो की वस्तु स्थित के बारे में बार बार गलत सूचना देकर (BReach of Trust) किया गया। ऐसे में इनकी विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।



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