उन्नाव जनपद की सन्नी ग्राम पंचायत के मजरा गरेरेपुरवा में हनुमान मंदिर के पास स्थित एक जमीन को लेकर ग्रामीणों और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि के बीच विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रधान और प्रधान प्रतिनिधि पर गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस जमीन को खाली कराने की बात कही जा रही है, वह आबादी की पुश्तैनी जमीन है। इस पर गांव के कई परिवार 50 वर्षों से अधिक समय से काबिज हैं। ग्रामीणों के अनुसार, इस भूमि पर लोगों की झोपड़ियां बनी हैं, बाउंड्री वॉल खड़ी है और कई परिवार अपने पशु भी यहीं बांधते हैं। उनका कहना है कि यह भूमि सालों से उनके उपयोग में रही है और अब इसे खाली कराने का दबाव बनाया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि इस जमीन को खाली कराकर अपने करीबी लोगों को देने की योजना बना रहे हैं। इसके साथ ही, बची हुई जमीन पर खेल का मैदान विकसित करने की बात कही जा रही है, जिससे गांव में असंतोष बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्य के नाम पर उनके अधिकारों का हनन किया जा रहा है और बिना उचित जांच एवं वैधानिक प्रक्रिया अपनाए उन्हें बेदखल करने की कोशिश हो रही है। विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन तेज करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने बताया कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिलकर पूरे मामले की लिखित शिकायत करेगा और जमीन के स्वामित्व तथा कब्जे की निष्पक्ष जांच की मांग करेगा। मौके पर ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई और कहा कि जब तक स्पष्ट आदेश और वैध प्रक्रिया सामने नहीं आती, तब तक वे जमीन खाली नहीं करेंगे। वहीं, ग्राम प्रधान पक्ष की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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