बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में 11 से 14 अप्रैल तक भारतरत्न बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर जयंती और विश्वविद्यालय स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया जायेगा। यह जानकारी देते हुए शुक्रवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राज कुमार मित्तल ने बताया कि इस वर्ष आयोजित चार दिवसीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारत के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद भाग लेंगे। प्रो.राज कुमार मित्तल के मुताबिक पूर्व राष्ट्रपति 13 अप्रैल को विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे और इस अवसर पर उद्यमियों को उनके उत्कृष्ट योगदान और उपलब्धियों के लिए सम्मानित करेंगे। कुलपति ने यह भी बताया कि यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर विद्यार्थियों के समग्र विकास को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, जिसमें विभिन्न राष्ट्रीय संगोष्ठियों, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। 4 दिनों तक चलेगा आयोजन
चार दिवसीय कार्यक्रम की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि 11 अप्रैल को महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षा ही समावेशी विकास का आधार महात्मा ज्योतिबा फुले की दृष्टि में विषय पर आधारित एकदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जायेगा। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पूर्व राज्य शिक्षा मंत्री डॉ संजय पासवान उपस्थित रहेंगे। कुलपति ने बताया कि 12 अप्रैल को विश्वविद्यालय में समावेशी विकास विकसित भारत का आधार बाबासाहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर की दृष्टि में विषय पर आधारित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जायेगा। जिसमें मुख्य तौर पर पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश प्रो सतीश चन्द्र द्विवेदी, विधि विभाग, बीबीएयू की विभागाध्यक्ष प्रो सुदर्शन वर्मा, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, हरियाणा के प्रो एसके चहल एवं दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर के प्रो चंद्रशेखर उपस्थित रहेंगे। 14 को मनाया जाएगा स्थापना दिवस 14 अप्रैल को कुलपति द्वारा भारत रत्न बाबासाहेब भीमराव आम्बेडकर जयंती और विश्वविद्यालय स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता की जायेगी इसमें बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर विजय लक्ष्मी गौतम, राज्य मंत्री, ग्रामीण विकास, समग्र ग्राम विकास एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग उत्तर प्रदेश सरकार उपस्थित रहेंगी। इस अवसर पर स्थायी आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो केएल महावर और जनसंपर्क अधिकारी डॉ.रचना गंगवार मौजूद रहीं।
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