वाराणसी के चौबेपुर थानाक्षेत्र के चिरईगांव चौकी पर पूर्व में तैनात चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर पंकज राय पर वाराणसी कोर्ट के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। वादी मुकदमा वीरेंद्र कुमार मौर्या के अनुसार सब इंस्पेक्टर पंकज राय ने चौबेपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बराई में जमीन कब्जाने के लिए तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर मेरी जमीन हड़प ली। जब मामला खुला और कोर्ट से FIR का आदेश हुआ तो चौकी इंचार्ज ने मुझे धमकाया और मेरे बेटों और मुझपर रेप केस में फंसाने की धमकी दी। फिलहाल चौबेपुर थाने में न्यायालय अतिरिक्त चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (षष्ठ्म) के आदेश पर लक्ष्मीना देवी, लालजी, उमाशंकर मिश्रा, और पंकज कुमार मिश्रा के खिलाफ बीएनएस की धारा 319(2), 318(4), 336(3), 337, 338, 340(2), 351(2) में मुकदमा दर्ज किया गया है। 2013 में बाबूलाल से खरीदी थी जमीन पीड़ित विरेंद्र कुमार मौर्या ने कोर्ट कोई बताया – 15 जुलाई 2013 को बाबूलाल से 2720 वर्ग फीट जमीन खरीदी थी। विपक्षी लक्ष्मीना देवी ने सहयोगियों के साथ मिलकर इस जमीन को हड़पने के लिए षड्यंत्र रचा जिसमे कूटचरित दस्तावेज जो ₹100 के स्टाम्प पेपर पर फर्जी विक्रय पत्र और कलेक्ट्रेट की फर्जी मुहरों का उपयोग कर दस्तावेज तैयार किए गए। आरोपियों ने वर्ष 1979 का एक फर्जी सुलहनामा पेश किया, जिसमें उस न्यायालय और पदनाम का जिक्र था जो अस्तित्व में ही 1990 के बाद आया था। अपर नगर मजिस्ट्रेट ने किया था निरस्त वीरेंद्र ने बताया – आरटीआई के माध्यम से सभी कागजात निकलने के बाद कोर्ट में एक वाद दायर किया था। इन फर्जी कागजातों की पोल खुलने पर अपर नगर मजिस्ट्रेट (प्रथम) ने पूर्व में पारित एकपक्षीय आदेश को निरस्त कर दिया था। तत्कालीन चिरईगांव चौकी इंचार्ज पंकज कुमार राय ने आरोपियों को बचाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया और सौदेबाजी का प्रयास किया जिसमें पीड़ित को चौकी बुलाकर शिकायत वापस लेने के बदले आधी जमीन दिलवाने का लालच दिया। जब मैंने मना किया तो रेप के झूठे मुकदमे में फंसने की धमकी दी। मुकदमा दर्ज होने के बाद मचा हड़कंप इस प्रकरण मे पुलिस सेवा में मौजूद सब इंस्पेक्टर पर मुकदमा दर्ज होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। जानकारी के अनुसार अब इंस्पेक्टर लखनऊ के किसी थाने में तैनात है। गंभीर धाराओं में दर्ज मुकदमे में गिरफ्तारी होने की संभावना है।
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