चेस में ‘चीटिंग’ का सस्पेंस:हार से बौखलाए कार्लसन भिड़ने पहुंच गए थे नीमन से, 4 साल बाद भी नहीं मिला बेईमानी का सबूत




शतरंज की बिसात पर मोहरे अक्सर गहरी खामोशी व एकाग्रता के साथ चले जाते हैं। लेकिन 2022 में एक ऐसी चाल चली गई, जिसने कोहराम मचा दिया। वर्ल्ड नंबर-1 मैग्नस कार्लसन ने अमेरिका के 19 वर्षीय ग्रैंडमास्टर हंस नीमन पर चीटिंग का आरोप लगाया था। यह शतरंज के इतिहास का सबसे बड़ा, गंभीर और चर्चित विवाद बन गया। अब चार साल बाद, नेटफ्लिक्स की नई डॉक्यूमेंट्री ‘अनटोल्ड: चेस मेट्स’ ने इस विवाद को फिर से कुरेदा है। 74 मिनट की डॉक्यूमेंट्री में कई ऐसे छिपे हुए पहलुओं को सामने लाने की कोशिश की गई है, जो दबे थे। डॉक्यूमेंट्री में मैग्नस कार्लसन के पिता हेनरिक कार्लसन ने एक बेहद चौंकाने वाला किस्सा साझा किया है। अमेरिका में चल रहे प्रतिष्ठित सिंकफील्ड कप में जब नीमन ने कार्लसन को हराया, तो वह कार्लसन की लगातार दूसरे टूर्नामेंट में नीमन के हाथों हार थी। इस हार के बाद कार्लसन इस कदर गुस्से और हताशा में थे कि वे सीधे नीमन के होटल के कमरे का दरवाजा खटखटाना चाहते थे। हेनरिक बताते हैं, ‘मैग्नस उस रात नीमन के कमरे में जाकर उससे सीधे पूछना चाहते थे कि आखिर यह सब क्या चल रहा है? तुम मुझे कैसे हरा रहे हो?’ नीमन रैंकिंग और खेल कौशल में कार्लसन से काफी नीचे थे। इसके बावजूद वे बिना कोई खास मेहनत के, बिल्कुल सहजता से दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को मात दे रहे थे। पिता के समझाने पर कार्लसन नीमन के कमरे तक नहीं गए, लेकिन उन्होंने शतरंज के सबसे बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ‘चेस डॉट कॉम’ का रुख किया। इस हाई-प्रोफाइल मामले में यह प्लेटफॉर्म ही मुख्य गवाह था, जिसने सबसे पहले इशारा किया कि नीमन ने अतीत में बेईमानी की है। कार्लसन टूर्नामेंट से हट गए और चेस डॉट कॉम ने तत्काल नीमन को बैन कर दिया। इतना ही नहीं, प्लेटफॉर्म के सीईओ एरिक एलेबेस्ट ने जांच शुरू कर दी। अंततः इसी प्लेटफॉर्म ने 72 पन्नों की एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की, जिसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया कि नीमन के खिलाफ ‘आमने-सामने बैठकर खेले गए’ मैच में बेईमानी का कोई सुराग या प्रमाण नहीं मिला है।
कार्लसन ने कभी सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्हें नीमन पर किस खास तरीके से चीटिंग करने का शक था, इसलिए इंटरनेट की दुनिया में अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। इनमें सबसे चर्चित थ्योरी यह थी कि नीमन ने अपने शरीर में कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस छिपा रखी थी, जो उन्हें बाहर किसी कंप्यूटर से सही चाल बता रहा था। डॉक्यूमेंट्री में नीमन इस बात को लेकर बेहद भावुक और गहरे अवसाद में नजर आते हैं। डॉक्यूमेंट्री के आखिरी हिस्से में कार्लसन खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं। उन्हें लगता है कि प्लेटफॉर्म ने उन्हें गुमराह किया। चार साल बीत जाने के बाद भी यह पूरा स्कैंडल एक ऐसे अंधे मोड़ पर खड़ा है, जहां दोनों पक्ष अपनी-अपनी जिद पर अड़े हैं। सटीक जवाब किसी के पास नहीं है। नीमन ने स्वीकारी चीटिंग डॉक्यूमेंट्री में चेस डॉट कॉम के चीफ चेस ऑफिसर डैनी रेंच ने बताया कि नीमन ने 100 से ज्यादा ऑनलाइन मैचों में अनुचित साधनों का प्रयोग किया था। नीमन ने स्वीकार किया कि उन्होंने 12 व 16 साल की उम्र में कुछ ऑनलाइन मैचों में रेटिंग बढ़ाने के लिए चीटिंग की थी।



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