लखनऊ में सेना के स्मृतिका युद्ध स्मारक पर लेज़र-लाइट शो:राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन, जल्द आम जनता के लिए खुलेगा शो

[ad_1]


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को लखनऊ छावनी स्थित स्मृतिका युद्ध स्मारक में अत्याधुनिक लेज़र, लाइट और साउंड शो का उद्घाटन किया। इस आयोजन के साथ ही राजधानी लखनऊ को एक नया ऐतिहासिक और तकनीकी आकर्षण मिल गया है, जो सेना के शौर्य को आधुनिक अंदाज़ में पेश करेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत सेना के वरिष्ठ अधिकारी और राज्य सरकार के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
30 मिनट का शो, तकनीक के जरिए इतिहास का जीवंत अनुभव यह करीब 30 मिनट का हिंदी मल्टीमीडिया शो अत्याधुनिक प्रोजेक्शन मैपिंग, हाई-डेफिनिशन साउंड और डायनामिक लाइटिंग तकनीक से तैयार किया गया है। शो के जरिए दर्शकों को भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास, उसकी रणनीतिक उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान का एक समग्र और भावनात्मक अनुभव मिलेगा। इस प्रस्तुति का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि दर्शकों को सेना के साहस और बलिदान से भावनात्मक रूप से जोड़ना भी है। इन युद्धों और ऑपरेशनों की कहानी होगी पेश शो में भारत के प्रमुख युद्धों और सैन्य अभियानों को विस्तार से दर्शाया गया है, जिनमें शामिल हैं: 1947-48 का युद्ध 1962 का भारत-चीन युद्ध 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध ‘ऑपरेशन मेघदूत’ ‘ऑपरेशन विजय’ इन सभी घटनाओं को विजुअल इफेक्ट्स और साउंड के माध्यम से इस तरह प्रस्तुत किया गया है कि दर्शकों को युद्ध के हालात का वास्तविक अनुभव हो सके। मध्य कमान और अवध की वीरता को खास स्थान इस मल्टीमीडिया शो में भारतीय सेना की मध्य कमान की भूमिका को प्रमुखता से दिखाया गया है। इसके साथ ही अवध क्षेत्र के परमवीर चक्र विजेताओं की वीरता और बलिदान को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है। यह प्रस्तुति न केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि क्षेत्रीय सैन्य गौरव को भी सम्मान देती है।
आधुनिक सेना और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की झलक शो में बदलते युद्ध के स्वरूप और उभरते खतरों के बीच भारतीय सेना के आधुनिकीकरण को भी दर्शाया गया है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में हो रही प्रगति, स्वदेशी हथियारों का विकास और उत्तर प्रदेश में बन रहा डिफेंस कॉरिडोर भी इस प्रस्तुति का अहम हिस्सा है। यह दर्शाता है कि भारत न केवल अपने अतीत पर गर्व करता है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार है। स्मारक परिसर में बड़े स्तर पर हुआ अपग्रेड लेज़र शो के सफल आयोजन के लिए स्मृतिका युद्ध स्मारक परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। अत्याधुनिक प्रोजेक्टर और साउंड सिस्टम लगाए गए नई पीढ़ी के सैन्य उपकरणों और वॉर ट्रॉफी के म्यूरल तैयार किए गए एक आधुनिक एम्फीथिएटर का निर्माण किया गया तीन विशेष म्यूरल दीवारें तैयार की गईं, जो शो के लिए बैकड्रॉप का काम करेंगी। यह अपग्रेडेशन इस स्मारक को एक इंटरैक्टिव और शिक्षण स्थल में बदल देता है। सेना और जनता के बीच मजबूत होगा जुड़ाव यह शो प्रतिदिन शाम को आयोजित किया जाएगा और जल्द ही आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस पहल से आम नागरिक खासतौर पर युवा पीढ़ी भारतीय सेना के इतिहास, बलिदान और वीरता को करीब से समझ सकेंगे। यह केवल एक शो नहीं, बल्कि सेना और समाज के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 1994 से शौर्य का प्रतीक है स्मृतिका युद्ध स्मारक लखनऊ कैंटोनमेंट में स्थित स्मृतिका युद्ध स्मारक वर्ष 1994 से शहीद सैनिकों की याद में समर्पित है। यह स्थल भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता, बलिदान और अदम्य साहस का प्रतीक रहा है। अब इस हाईटेक लेज़र-लाइट शो के जरिए यह स्मारक एक नए रूप में सामने आया है, जो न सिर्फ श्रद्धांजलि स्थल है बल्कि देशभक्ति, शिक्षा और प्रेरणा का आधुनिक केंद्र भी बन गया है।

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *