यूपी में मौसम का मिजाज एक बार फिर से बदल गया है। एक दिन में ही प्रदेश में 2-4 डिग्री तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, अब गर्मी का दौर शुरू होगा और एक सप्ताह के भीतर ही तापमान 40 डिग्री तक पहुंचने के आसार हैं। 6-8 डिग्री बढ़ेगा पारा
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में मौसम शुष्क होने के बाद पिछले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में औसतन 6-8 डिग्री की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई लेकिन ज्यादातर जिलों में तापमान अब भी सामान्य से नीचे बना हुआ है। मौसम की आज की तस्वीरें- रविवार से रुक जाएंगी हवाएं
दिन में 30-50 किमी प्रति घंटा की गति से चल रहीं तेज पछुआ हवाओं का दौर 12 अप्रैल के कम होने के आसार हैं। अगले एक एक सप्ताह में प्रदेश में कोई भी सक्रिय मौसम तंत्र न होने के कारण मौसम शुष्क बना रहने से तापमान में 4-6 डिग्री की संभावित क्रमिक वृद्धि जारी रहेगी। इसके परिणामस्वरुप राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश में अनेक स्थानों पर अधिकतम तापमान 40 डिग्री के स्तर को पार कर जाने के आसार हैं। झांसी और प्रयागराज में सबसे ज्यादा तापमान
प्रदेश में तापमान के बढ़ने के क्रम में शनिवार को सबसे ज्यादा गर्म झांसी और प्रयागराज रहे जहां अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री दर्ज किया गया। वाराणसी और उरई में भी अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री दर्ज किया गया जबकि सुल्तानपुर में 37.2, आजमगढ़ और गाजीपुर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री रहा। अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम? मौसम साफ होने से किसानों को राहत
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम साफ होने से किसानों को राहत मिली है। क्योंकि, गेहूं की कटी पड़ी फसलें भीग गई थीं। तेज धूप होने से फसलें जल्दी सूखेंगी। इससे किसान जल्द से जल्द मड़ाई कर पाएंगे। फसलों के दाने काले पड़ने की आशंका कम होगी। अचानक आंधी-बारिश की वजह क्या थी?
अचानक आंधी-बारिश की वजह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस थी। ये इस सीजन में नॉर्मल है। हर साल इस सीजन में आंधी-तूफान के साथ बारिश होती है। हालांकि, इस साल वेस्टर्न डिस्टर्बेंस बहुत जल्दी-जल्दी आ रहे हैं। इस वजह से लगातार आंधी-बारिश का मौसम बना हुआ है। किसानों को नुकसान हुआ, गेहूं की फसल पर संकट
बेमौसम बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ। गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। इसे लेकर सीएम योगी ने अधिकारियों को फील्ड में उतरने के निर्देश दिए थे। कहा था कि अफसर 24 घंटे के भीतर नुकसान का सर्वे करें और प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों को मदद देना सरकार की प्राथमिकता है। ———————–
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