संभल में बिजली निगम द्वारा स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में महमूद खां सराय, तुर्तीपुर इल्हा और आसपास के निवासियों ने प्रदर्शन किया। लोगों ने आरोप लगाया है कि बिजली के तार बदलने के दौरान उनकी लाइनें काट दी गईं और बाद में स्मार्ट मीटर लगवाने का दबाव बनाया गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, निगम कर्मचारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाएंगे, तब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की जाएगी। इस स्थिति के कारण कई परिवारों को मजबूरी में स्मार्ट मीटर लगवाने पड़े। निवासियों का कहना है कि उनके पुराने पोस्टपेड मीटर सही ढंग से काम कर रहे थे, फिर भी उन्हें हटाया जा रहा है। महमूद खां सराय निवासी मोहम्मद फाजिल ने बताया कि सुबह उनकी बिजली लाइन काट दी गई और मीटर बदलने की शर्त रखी गई। तुर्तीपुर इल्हा के मुमताज हुसैन ने कहा कि केबल बदलने के बाद कर्मचारियों ने स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य कर दिया। रुकय्या बी ने आरोप लगाया कि उनकी अनुपस्थिति में जबरन मीटर लगा दिया गया, जबकि उन्होंने इसके लिए सहमति नहीं दी थी। फर्नीचर का काम करने वाले मोहसिन अली ने बताया कि उनका पुराना मीटर ठीक था और उन्होंने कभी बिल भुगतान में कोई गड़बड़ी नहीं की, फिर भी उन्हें नया मीटर लगाने के लिए बाध्य किया गया। लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर प्रीपेड प्रणाली पर आधारित हैं, जिससे उन्हें पहले ही भुगतान करना पड़ता है और उनका खर्च बढ़ रहा है। उनकी मांग है कि यदि मीटर बदले जाएं तो पोस्टपेड मीटर ही लगाए जाएं। वहीं, बिजली निगम के एक्सईएन रघुनाथ मित्तल ने आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर सरकार के निर्देश पर लगाए जा रहे हैं और इनका मुख्य उद्देश्य बिजली चोरी रोकना है। मित्तल ने यह भी कहा कि विरोध करने वाले अधिकांश लोग वे हैं जो पहले बिजली संबंधी अनियमितताएं करते रहे हैं।
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