संभल जिले की चंदौसी तहसील के कुढ़ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गांव डारनी में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती से पहले उनकी प्रतिमा स्थापित करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बिना अनुमति प्रतिमा लगाए जाने की सूचना पर रविवार शाम 6 बजे पुलिस-प्रशासन गांव पहुंचा। इस दौरान महिलाएं पुलिस से उलझ गईं और उन्होंने चप्पल दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया। अनुयायियों ने प्रतिमा को घेर लिया और पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए कुछ लोगों को छुड़ा लिया। एसडीएम चंदौसी आशुतोष तिवारी, सीओ दीपक तिवारी, तहसीलदार रवि सोनकर और इंस्पेक्टर लोकेंद्र त्यागी सहित भारी पुलिस बल गांव में मौजूद है। पुलिस-प्रशासन के पहुंचने पर अनुयायी भी बड़ी संख्या में एकत्र हो गए, जिससे गांव में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन की बिना अनुमति के प्रतिमा स्थापित करने का विरोध किया। प्रतिमा हटाए जाने की संभावित कार्रवाई का भी ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया, जिसमें महिलाएं पुलिस-प्रशासन के सामने डट गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस-प्रशासन फिलहाल पीछे हट गया है और रात 10 बजे तक गांव में डेरा डाले हुए था। रात 8 बजे अधिकारियों ने ग्रामीणों को थाने आकर बातचीत करने को कहा, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। इसके बाद अधिकारी दोबारा गांव लौटे और ग्रामीणों से बातचीत में जुटे रहे। यह घटना 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती से ठीक पहले हुई है, जिसे देशभर में मनाया जाएगा। प्रशासन स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए सावधानीपूर्वक कार्रवाई कर रहा है। एएसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि प्रशासन गांव में मौजूद है और प्रतिमा लगाने वाले लोगों से वार्ता चल रही है। उन्होंने पुष्टि की कि जमीन समिति के नाम पर पंजीकृत है, जिसमें 200 गज खरीदी गई है और 100 गज दान में मिली है, लेकिन प्रतिमा बिना किसी अनुमति के स्थापित की गई है।
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