करनाल में नकली सोने की खरीद फरोख्त का मामला:आरोपी पिता का क्रिमिनल रिकॉर्ड, बेटी की शादी 16 अप्रैल को; 2 बड़े ज्वैलर्स को बेचा नकली गोल्ड




करनाल में नकली सोने की खरीद-फरोख्त के मामले में पुलिस पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले में स्वर्णपाल मुख्य सरगना है, जो अपनी 22 वर्षीय बेटी खुशी और परिवार के अन्य सदस्यों के जरिये पूरा गिरोह चला रहा था। खुशी अरोड़ा की इस 16 अप्रैल को शादी भी बताई जा रही है। यह मामला सामने आने के बाद अब शादी पर भी सवाल खड़े हो गए हैं कि यह शादी होगी भी या नहीं। पुलिस खुशी और उसके पिता स्वर्णपाल सिंह से गहन पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि स्वर्णपाल सिंह का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। सूत्रों की मानें तो इस गिरोह में करीब आधा दर्जन लोग शामिल हैं और पुलिस जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर सकती है। नामी शोरूम पर उठे सवाल ओपीएस ज्वैलर्स जैसे नामी शोरूम पर इस तरह की घटना सामने आने के बाद लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या शोरूम संचालकों ने सोने की सही जांच नहीं की। आमतौर पर छोटे दुकानदार भी सोना खरीदने से पहले उसकी जांच करते हैं। ऐसे में बड़े शोरूम में यह चूक कैसे हुई, यह चर्चा का विषय बना हुआ है। इसके साथ ही जिन ग्राहकों ने यहां से सोना खरीदा है, उनके मन में भी संदेह पैदा हो गया है। सूत्रों की माने तो यह गिरोह कई सालों से इनसे जुड़ा हुआ था और इन्होंने दो बड़े व्यापारियों को भी नकली सोना बेचा है। आरोपियों ने किन किन को नकली सोना बेचा वह तो पुलिस के खुलासे के बाद ही पता चल पाएगा। सीसीटीवी से बदली पूरी कहानी शुरुआत में यह बात सामने आई थी कि शोरूम ने किसी ग्राहक को नकली सोना बेच दिया, लेकिन बाद में सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पूरी कहानी बदल गई। फुटेज में साफ दिखाई दिया कि एक युवती और उसके साथी शोरूम में आकर सोना बेच रहे हैं। इससे यह स्पष्ट हुआ कि शोरूम ने नहीं, बल्कि ग्राहकों के रूप में आए लोगों ने नकली सोना बेचा था। हालांकि यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि शोरूम असली और नकली में फर्क क्यों नहीं कर पाया। सिलसिलेवार समझिए पूरा मामला… कई शोरूम को बनाया निशाना करीब 15 दिन पहले करनाल में ओपीएस ज्वैलर्स सहित कई नामी ज्वैलरी शोरूम पर नकली सोना बेचा गया। उस समय किसी भी शोरूम संचालक को इस बात की भनक नहीं लगी। कुछ दिनों बाद जब सोने की जांच की गई तो वह नकली निकला। इसके बाद शोरूम मालिकों ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली, जिसमें एक युवती और उसके साथी नजर आए। करीब 10 लाख रुपए की ठगी जांच के दौरान अन्य ज्वैलरी शोरूम से भी इसी तरह की शिकायतें मिलने लगीं। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि दिल्ली निवासी खुशी ने अपने साथियों के साथ मिलकर ओपीएस ज्वैलर्स में करीब 10 लाख रुपए का नकली सोना बेचा। यह भी सामने आया है कि खुशी अपने पिता स्वर्णपाल के साथ मिलकर इस गिरोह को चला रही थी और इस गिरोह में इन्हीं के परिवार के सदस्य है। परिवार बनकर करते थे ठगी सूत्रों के अनुसार आरोपी अलग-अलग शोरूम में जाकर खुद को कभी भाई-बहन तो कभी पति-पत्नी बताकर विश्वास जीतते थे। इसके बाद नकली सोना बेचकर निकल जाते थे। देखने में यह सोना बिल्कुल असली जैसा लगता था और नामी शोरूम को ही टारगेट करते थे, जिससे किसी को शक नहीं होता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नकली सोना आरोपियों को कहां से मिल रहा था। सीसीटीवी में ऐसे आए नजर… अलग-अलग दिन पहुंचे आरोपी इस मामले से जुड़ी कई सीसीटीवी फुटेज सामने आई हैं। इनमें दिख रहा है कि आरोपी अलग-अलग दिन शोरूम में पहुंचे। 28 मार्च को खुशी ओपीएस ज्वेलरी शोरूम में आई और सेल्सपर्सन से बातचीत करती दिखाई दी। उसके हाथ में सोने की ज्वेलरी थी। हर बार बदले चेहरे इसके बाद 30 मार्च की फुटेज में एक अन्य व्यक्ति शोरूम में बैठा नजर आया। इस दौरान सेल्सपर्सन एक पर्ची पर कुछ लिखती दिखाई दी। इसी तरह 1 अप्रैल की फुटेज में गिरोह का एक और सदस्य शोरूम में मौजूद था और उसके सामने ट्रे में ज्वेलरी रखी हुई थी। तीनों ही मामलों में सेल्सपर्सन नॉर्मल प्रोसेस के तहत ज्वेलरी का वजन करती और पर्ची बनाती दिखाई दी। किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं हुआ कि सोना नकली हो सकता है। शिकायत के बाद हुई कार्रवाई… शोरूम प्रतिनिधि ने दी शिकायत इस पूरे मामले की शिकायत ओपीएस ज्वैलर्स के प्रतिनिधि यतिन ने करनाल एसपी से की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कई टीमों का गठन किया और जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और उनकी तलाश में कई जगह छापेमारी की। इसके बाद शनिवार को पुलिस ने युवती खुशी और उसके पिता स्वर्णपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ के दौरान पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और नकली सोने के सोर्स के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है। जल्द हो सकता है बड़ा खुलासा
सूत्रों के मुताबिक पुलिस का फोकस सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि ठगी में इस्तेमाल किए गए नकली सोने की रिकवरी पर भी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस पूरे मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है। फिलहाल पुलिस की चुप्पी के कारण लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सूत्रों की माने तो पुलिस इस मामले में जल्द ही बड़ा खुलासा कर सकती है।



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