मुजफ्फरनगर के महावीर चौक स्थित अग्रवाल मार्केट की 18 दुकानों को खाली करने का नोटिस जारी किया गया है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने 5 मई तक इन दुकानों को खाली करने की चेतावनी दी है, जिससे व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, मार्केट मालिकों ने इन दुकानों को खाली दिखाकर बैंक ऑफ बड़ौदा से भारी-भरकम ऋण लिया था। आरोप है कि ऋण का भुगतान न होने के कारण बैंक अब वसूली प्रक्रिया के तहत दुकानों पर कब्जा करने की तैयारी में है। नोटिस में जिलाधिकारी न्यायालय के 22 दिसंबर 2025 के एक आदेश का भी जिक्र है। प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने ये दुकानें ‘मोटी पगड़ी’ देकर ली थीं और पिछले लगभग 50 वर्षों से नियमित रूप से किराया भी जमा कर रहे हैं। उनके लिए अचानक बेदखली का यह नोटिस एक बड़ा झटका है। दवाइयों के थोक कारोबारी सचिन त्यागी ने इसे व्यापारियों के साथ अन्याय बताया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस मामले में हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो दुकानदार सड़क पर आ जाएंगे। त्यागी ने मेरठ की सेंट्रल मार्केट का उदाहरण देते हुए भविष्य में ऐसे ही संकट की आशंका जताई। दुकानदारों का यह भी दावा है कि 18 में से 8 दुकानों के लिए उन्होंने न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे ऑर्डर) प्राप्त कर लिया है। हालांकि, बैंक इस स्थगन आदेश को भी मानने से इनकार कर रहा है। इस स्थिति से अब कानूनी और प्रशासनिक टकराव की आशंका बढ़ गई है। इन 18 दुकानों में से 7 भूतल पर, 7 पहली मंजिल पर और 4 दूसरी मंजिल पर स्थित हैं। दुकानदारों का कहना है कि यह केवल दुकानों का विवाद नहीं, बल्कि दर्जनों परिवारों की आजीविका का सवाल है। 5 मई की समय-सीमा नजदीक आने के साथ ही अग्रवाल मार्केट में तनाव बढ़ गया है। सभी की निगाहें अब प्रशासन और बैंक की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
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