इंटरनेशनल ठगों को म्यूल अकाउंट देने वाले 2 आरोपी अरेस्ट:पंजाब के मोची के खाते से 3 माह में 80 करोड़ का ट्रांजेक्शन, चाइना-श्रीलंका के लोगों को ठगा




साइबर ठगों के लिए म्यूल अकाउंट मुहैया कराने वाले पंजब के करण केसरा और गुलशन को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। यशोदा नगर निवासी मेडिकल स्टोर संचालक से शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने के नाम पर 12.82 लाख की ठगी की गई थी, जिसके बाद नौबस्ता थाने एफआईआर दर्ज की गई थी। एसटीएफ और साइबर टीम ने जांच शुरू की चौंकाने वाले खुलासे हुए। विभिन्न खातों से ट्रांसफर होकर ठगी की रकम दिल्ली के नेशनल अर्बन कारपोरेशन बैंक में जाती थी, जिसमें 3 महीन में 80 करोड़ का ट्रांजेक्शन हुआ था। पड़ोसी देशों के नागरिको को भी किया टारगेट यह अकाउंट एके ट्रेडिंग नाम की फर्जी फर्म के नाम पर पंजाब के अबोहर निवासी अजय ने खुलवाया था। अजय पंजाब में मोची का काम करता था। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि एके ट्रेडिंग अकाउंट पर यूपी के गाजियाबाद, नोएडा, सहारनपुर, बारांबकी, आगरा समेत 13 एफआईआर रजिस्टर्ड है। इसके साथ ही NCRP पोर्टल पर 650 शिकायतें दर्ज हैं। अंतर्राज्यीय साइबर ठगों का गिरोह चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका के लोगों के साथ भी ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। 2 जनवरी को मेडिकल स्टोर संचालक ने कराई थी FIR पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि 2 जनवरी को नौबस्ता थाने में मेडिकल स्टोर संचालक अमित राठौर ने 12.82 लाख के साइबर फ्रॉड की एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि ठगों ने उन्हें शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने का झांसा देकर एक ग्रुप में लिंक के जरिए जोड़ा। श्रद्धा शक्ति नाम पर बने वाट्सएप ग्रुप में जुड़ने के बाद 12.82 लाख निवेश कराए। ठग उन्हें शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा दिखाते हुए और अधिक रकम लगाने का जोर देने लगे। कुछ समय बाद एप बंद कर दिया गया, जिसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। मामले के खुलासे में साइबर टीम और एसटीएफ टीम जांच में जुटी तो पता चला कि ठगी की रकम सेंट्रल बैंक, एक्सिस, यूनियन, ओवरसीज बैंक के खातों से होती हुई नई दिल्ली के नेशनल अर्बन कॉरपोरेशन के एके ट्रेडिंग फर्म के खाता संख्या 02100216701 में पांचवी लेयर तक ट्रांसफर की गई थी। यह फर्म अबोहर निवासी अजय नाम के युवक की थी। जिसमें 3 माह में 80 करोड़ का ट्रांजेक्शन किया गया था, जिसमें यूपी के विभिन्न खातों से 26 करोड़ का ट्रांजेक्शन पाया गया था। सघन जांच में सामने आया कि इस बैंक खातें के नाम पर यूपी के विभिन्न जनपदों से 13 एफआईआर थी, साथ ही NCRP पोर्टल पर 650 शिकायतें मिली।



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