कनाडा की क्रिकेट में लॉरेंस गैंग की एंट्री:गुरदासपुर के दिलप्रीत को कैप्टन बनाने का डाला प्रेशर; प्लेयर्स को जान से मारने की धमकी




कनाडा के क्राइम ब्यूरो (CBC) ने अपनी रिपोर्ट में लॉरेंस गैंग को लेकर कई खुलासे किए। 17 अप्रैल को जारी रिपोर्ट में कहा गया कि है कि गैंग कनाडा की क्रिकेट टीम के प्लेयर्स को जान से मारने की धमकी दे रही है। इसका कारण पंजाबी मूल के दिलप्रीत बाजवा को कैप्टन न बनाना है। लॉरेंस गैंग चाहती है कि गुरदासपुर के रहने वाले और 2020 में कनाडा की क्रिकेट टीम में एंट्री करने वाले दिलप्रीत को कैप्टन बनाया जाए। सीबीसी (CBC) की रिपोर्ट द फिफ्थ एस्टेट में दावा किया गया है कि कनाडाई नेशनल क्रिकेट टीम में संगठित अपराध, धमकियां, भ्रष्टाचार और मैच-फिक्सिंग की जड़ें काफी गहरी हो चुकी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक यह पूरा विवाद जुलाई 2025 से शुरू हुआ, जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर खिलाड़ियों और अधिकारियों को डराने-धमकने का सिलसिला शुरू हुआ। आरोप है कि गैंग के गुर्गों ने नेशनल टीम के सिलेक्शन और कप्तानी को प्रभावित करने के लिए हिंसक तरीकों का सहारा लिया, जिससे पूरी टीम और बोर्ड के भीतर खौफ का माहौल पैदा हो गया है। जुलाई 2025 में में दी गई पहली धमकी
धमकियां लॉरेंस गैंग से जुड़े लोगों की ओर से आ रही हैं। जुलाई 2025 में सरे के एक रेस्टोरेंट में 2 खिलाड़ियों ने खुद को गैंग का गुर्गा बताते हुए स्टार प्लेयर को धमकी दी। यह गैंग भारत की जेल से लॉरेंस की तरफ चलाई जा रही है और कनाडा में फायरिंग करवाती है और फिरौती मांगती है। टीम को पहली धमकी तब मिली जब जुलाई 2025 में प्रोविंशियल टूर्नामेंट जीत के बाद 25 खिलाड़ियों की पार्टी चल रही थी। इस दौरान एक स्टार प्लेयर को धमकाया गया। जुलाई अंत में एक बार फिर जान से मारने की हिंदी मैसेज के जरिए धमकी मिली। इसके बाद पूर्व बोर्ड मेंबर के कैलगरी स्थित घर पर गोलीबारी हुई। सीबीसी ने अपनी रिपोर्ट में किए कई खुलासे… गुरदासपुर के रहने वाले हैं कनाडाई क्रिकेटर दिलप्रीत बाजवा
दिलप्रीत बाजवा मूल रूप से पंजाब के गुरदासपुर जिले से संबंधित हैं। उनका जन्म 26 जनवरी 2003 को हुआ था।उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा गुरदासपुर जिले के धारीवाल स्थित गुरु अर्जुन देव सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की। इसके अलावा उन्होंने बटाला और गुरदासपुर शहर में भी पढ़ाई की है। उनके पिता हरप्रीत सिंह कृषि विभाग में कार्यरत थे और माता हरलीन कौर एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका थीं। बाजवा ने पंजाब में रहते हुए काफी क्रिकेट खेली, लेकिन उनका आरोप था कि पंजाब और बीसीसीआई (BCCI) के स्तर पर उन्हें नजरअंदाज किया गया। इसी रिजेक्शन के कारण वह 2020 में कनाडा शिफ्ट हो गया।



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