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मेरठ में 14 अप्रैल को ड्राई डे के बावजूद एक सरकारी शराब के ठेके से शराब बेचे जाने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। प्रशासन ने अनुज्ञापी के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू करने की बात कही है। 14 अप्रैल को शराब के ठेके बंद रखने का आदेश था, लेकिन इसके बावजूद सरकारी ठेके से शराब की बिक्री हुई। ड्राई डे पर शराब बेचना आबकारी अधिनियम का सीधा उल्लंघन है। वीडियो सामने आने के बाद आबकारी विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बेगमपुल चौकी से चंद कदमों की दूरी पर ठेका यह घटना बेगमपुल चौकी से कुछ ही दूरी पर स्थित एक सरकारी शराब के ठेके पर हुई। सेल्समैन ने ड्राई डे का फायदा उठाकर मनमाने दामों पर अवैध रूप से शराब बेची। स्थानीय लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि बेगमपुल नाले के किनारे स्थित इस ठेके से अक्सर अवैध रूप से शराब की बिक्री होती है, यहां तक कि ठेका खुलने से पहले ही शराब बिकना शुरू हो जाती है। आरोप है कि इसी ठेके से अन्य स्थानों पर भी शराब की आपूर्ति की जाती है। सरकारी ही नहीं गली मोहल्लों समेत भैंसाली बस स्टैंड बना शराब का अड्डा केवल सरकारी ठेके ही नहीं, बल्कि लाल कुर्ती, सदर बाजार, राजबन, मेडिकल और भैंसाली बस स्टैंड जैसे कई अन्य स्थानों पर भी अवैध रूप से शराब बेची गई। यह वहीं शराब तस्कर है। जो पूर्व में भी कई बार जेल जा चुके हैं। लेकिन पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत से शराब बेची जाती हैं। इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि अवैध रूप से शराब बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि वायरल वीडियो के आधार पर सरकारी ठेके से शराब बेचने वाले के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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