सेंट्रल मार्केट के व्यापारी बोले हम कट्टर भाजपाई:2 दिन में समाधान नहीं तो- नई रणनीति के तहत आएंगे सामने, थाना प्रभारी पर धमकाने का आरोप




मेरठ की सेंट्रल मार्केट प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट का आदेश आए आज 10 दिन हो गए हैं,तभी से सेक्टर 2 में महिलाओं का धरना प्रदर्शन जारी है। सरकार से न्याय की गुहार लगाने को यह धरना प्रदर्शन चल रहा है। इसी बीच आज धरने के दौरान महिलाओं ने प्रेस वार्ता की जिसमें उन्होंने सरकार को दो दिन का समय देते हुए कहा कि आज हमें 10 दिन हो गए हैं यदि 12 दिन के अंदर इसका समाधान नहीं होता है तो 13 वे दिन हम अपनी नई रणनीति के तहत तैयार की गई रूपरेखा के साथ सामने आएंगे। हालांकि अब देखने की बात यह है कि 2 दिन में इनको रात मिलती है या 13 वे दिन महिलाएं क्या कुछ करती हैं। प्रशासन ने दिए नोटिस
व्यापारियों के धरने में अगर कोई भारी व्यक्ति पहुंचता है तो उसको भी रोका जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को जहां एडीएम सिटी बृजेश कुमार और नौचंदी थाना प्रभारी अनूप कुमार सिंह व्यापारियों के बीच पहुंचे थे और वार्ता की थी। इसके बाद भी व्यापारियों ने बताया था कि प्रशासन और पुलिस हमारे ऊपर दबाव बनाकर यह प्रदर्शन खत्म करना चाहती है। इसी के चलते आज रविवार को पुलिस प्रशासन द्वारा धरने पर पहुंचे विजय राघव को न्यायालय की अवमानना के तहत नोटिस दिया गया। हम कट्टर भाजपाई, विपक्ष का क्या विरोध
महिलाओं ने बताया कि हमने विपक्ष का विरोध भी किया क्योंकि हमें यह उम्मीद थी कि सरकार का कोई जनप्रतिनिधि आकर हमारे बीच पहुंचेगा और हमारी मदद करेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आज भी हमें पूर्ण रूप से सरकार पर उम्मीद है क्योंकि हम कट्टर भाजपाई हैं शुरुआत से ही हम भाजपा को वोट करते आए हैं। ऐसे में जब भाजपा के जनप्रतिनिधि ही हमारी कहीं सुनवाई नहीं कर रहे हैं तो इस बात से हमारे अंदर नाराजगी है। महिलाएं बोली थाना प्रभारी ने धमकाया
धरने पर बैठी महिलाओं ने बताया कि बीते दिन जब नौचंदी थाना प्रभारी हमसे बात करने आए तो उन्होंने हमें धमकी दी की यदि वह प्रदर्शन को खत्म नहीं करते हैं तो उनके और उनके परिवार के ऊपर मुकदमा दर्ज कर दिया जाएगा । हम लोग जहां शांतिप्रिय तरीके से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं तो वहीं पुलिस और प्रशासन में दबाव में लेने की कोशिश कर रहा है। आवास विकास जल्द दे सकता है नोटिस
जहां एक और यह प्रदर्शन और न्यायालय की अवमानना के नोटिस दिए जा रहे हैं, वही आवास विकास भी सोमवार या मंगलवार से सेटबैक के नोटिस चश्पा करने शुरू कर सकता है। नोटिस के 15 दिन के भीतर कार्रवाई को स्वयं ही पूरा किया जाना है। यदि ऐसा नहीं होता तो उसके बाद सेटबैक के तहत जो ध्वस्तीकरण होगा उसको आवास विकास द्वारा किया जाएगा जिसका खर्च वहीं के लोगों से लिया जाएगा।



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