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गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन वार्ड नंबर 11 में जांच के लिए ब्लड सैंपल को लेकर विवाद हो गया। सिद्धार्थनगर जिले के रहने वाले मरीज के तीमारदारों ने मंगलवार की दोपहर में जूनियर डॉक्टरों पर मारपीट और अभद्र भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया। इस घटना के बाद परिजन इलाज बीच में छोड़कर मरीज को लेकर घर चले गए। सिद्धार्थनगर से इलाज कराए गोरखपुर आए थे सिद्धार्थनगर जिले के उसका बाजार थाना क्षेत्र के मधवापुर गांव के रहने वाले प्रदीप ने अपने 73 वर्षीय पिता शिवप्रसाद को सोमवार की देर रात सांस फूलने की शिकायत पर मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया था। मंगलवार की दोपहर में जूनियर डॉक्टरों ने जांच के लिए ब्लड का सैंपल लिया। प्रदीप का आरोप है कि वह यूजर चार्ज काउंटर पर शुल्क जमा करने के बाद सेंट्रल पैथोलॉजी में सैंपल देकर लौटे ही थे कि डॉक्टरों ने दोबारा ब्लड सैंपल लेकर दूसरी जांच कराने के लिए कहा। डॉक्टर पर अभद्र भाषा का प्रयोग का आरोप प्रदीप का कहना है कि इस पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि, जांच के लिए लंबी लाइन लग रही है। ऐसे में दोनों सैंपल एक साथ ले लिए गए होते तो बेहतर होता। इसी बात को लेकर प्रदीप और जूनियर डॉक्टरों के बीच कहासुनी हो गई। प्रदीप का आरोप है कि डॉक्टरों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और विरोध करने पर उनके साथ मौजूद भाई मंदीप के साथ मारपीट की। मारपीट के दौरान वार्ड में कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। विवाद से आहत परिजन बाद में मरीज को लेकर अस्पताल से घर लौट गए। इस संबंध में गुलरिहा थाना प्रभारी इत्यानंद पांडेय ने बताया कि मामले में अभी तक किसी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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