जालौन में रबी सीजन के गेहूं की वास्तविक पैदावार का आकलन करने के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने क्रॉप कटिंग (फसल कटाई प्रयोग) का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए। यह प्रयोग तहसील उरई के न्याय पंचायत बड़ागांव स्थित ग्राम पंचायत बड़ागांव में गाटा संख्या 466 (रकबा 1.3890 हेक्टेयर) पर किया गया। स्थानीय कृषक अतर सिंह, करण सिंह और जाहर सिंह पुत्रगण पुनू की सहमति से वैज्ञानिक विधि के तहत 43.33 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में गेहूं की कटाई की गई। इससे कुल 15.730 किलोग्राम उपज प्राप्त हुई, जिसके आधार पर खेत की वास्तविक उत्पादकता का सटीक आकलन किया गया। क्रॉप कटिंग प्रयोग को आधुनिक तकनीक का उपयोग करके संपन्न किया गया। इसमें सीसीई एग्री ऐप और रैंडम चयन प्रणाली का इस्तेमाल किया गया, जिससे आंकड़ों की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई। यह सरकारी रिकॉर्ड को वास्तविकता के अधिक करीब लाने में मदद करता है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि क्रॉप कटिंग का मुख्य उद्देश्य फसलों की औसत उपज दर का वैज्ञानिक तरीके से सही निर्धारण करना है। उन्होंने कहा कि इससे सरकारी आंकड़ों की सटीकता बढ़ती है और किसानों को मिलने वाली राहत तथा फसल बीमा दावों के निस्तारण में भी निष्पक्षता सुनिश्चित होती है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सभी क्रॉप कटिंग प्रयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप कराने और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और उन्हें सही आकलन के आधार पर ही योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। इस तरह की नियमित निगरानी और पारदर्शी प्रक्रिया से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी और किसानों का विश्वास भी बढ़ेगा।
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