फर्रुखाबाद में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के एक मामले में कोर्ट ने दोषी मुनेंद्र को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश रितिका त्यागी की अदालत ने दोषी पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उसे छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह मामला शमसाबाद थाना क्षेत्र का है। यहां की एक महिला ने 24 सितंबर 2016 को अपनी नाबालिग बेटी के लापता होने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। महिला ने बताया था कि उसकी 15 वर्षीय बेटी दवा लेने कायमगंज गई थी, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चल सका था। किशोरी कक्षा 11 की छात्रा थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान जनपद एटा के थाना जैथरा के गांव रतौली निवासी प्रेम उर्फ मुनेंद्र का नाम सामने आया। वह वर्तमान में थाना अलीगंज के गांव चमन नगरिया में रहता है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया। पुलिस ने लापता किशोरी को ढूंढ निकाला था। अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद आरोपी प्रेम उर्फ मुनेंद्र को 18 अप्रैल को दोषी ठहराया था और अब सजा सुनाई है।
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