परवन बांध में इस मानसून में भरेगा पानी:95 फीसदी काम पूरा, रबी सीजन में 70 हजार हेक्टेयर को मिलेगा पानी




हाड़ौती की बहुप्रतीक्षित परवन वृहद सिंचाई परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है। लगभग 8 साल के लंबे इंतजार के बाद किसानों के लिए यह राहत भरी खबर है कि इस मानसून में परवन बांध में जल संग्रहण शुरू कर दिया जाएगा।
परियोजना का करीब 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष काम तेजी से निपटाया जा रहा है। 15 रेडियल गेट लगे
बांध पर सभी 15 रेडियल गेट लगाए जा चुके हैं। नहर निर्माण कार्य में भी तेजी लाई गई है। प्रशासनिक सहयोग से बाधाओं को दूर करते हुए खुदाई और निर्माण कार्य को गति दी जा रही है।
विभागीय योजना के अनुसार, आगामी रबी सीजन में तीनों जिलों के किसानों को लगभग 70 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। बाकि का काम जल्द होगा पूरा
जल संसाधन विभाग झालावाड़ के अतिरिक्त मुख्य अभियंता डीएन शर्मा ने एसई अजीत कुमार, विभागीय अधिकारियों और संवेदक प्रतिनिधियों के साथ परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गर्डर लॉन्चिंग और बांध के विभिन्न ब्लॉकों में शेष कंक्रीट कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। सभी गेटों की टेस्टिंग पूरा करने के निर्देश
शर्मा ने मानसून से पहले सभी गेटों की टेस्टिंग पूरी करने को भी कहा। दायीं मुख्य नहर में 0 से 1.30 किमी तक ब्लास्टिंग और खुदाई का काम जारी है, जबकि 1.30 से 2.80 किमी में जल्द कार्य शुरू होगा। 0 से 10 किमी तक के सभी प्रमुख स्ट्रक्चर तीन माह में पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। बायीं मुख्य नहर (0 से 52 किमी) का कार्य भी जल्द पूर्ण करने को कहा गया है। अतिरिक्त मुख्य अभियंता शर्मा ने बताया कि इस मानसून में टेस्टिंग और कमीशनिंग प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके तहत बांध को तय मापदंडों के अनुरूप भरा जाएगा। इससे आगामी रबी सीजन में किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। तीन जिलों के हजारों किसानों को मिलेगा फायदा
करीब 7355 करोड़ रुपए की लागत से बन रही इस परियोजना के तहत 392 मीटर लंबा बांध तैयार किया जा रहा है। इसकी कुल भराव क्षमता 490 मिलियन क्यूबिक मीटर है। बांध में 16 मीटर ऊंचाई और 15 मीटर चौड़ाई के 15 गेट लगाए गए हैं।परियोजना का पूरा काम होने के बाद बारां, झालावाड़ और कोटा जिले के 637 गांवों की दो लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होगी। इसके अलावा 1821 गांवों को पेयजल भी उपलब्ध कराया जाएगा। पानी पहुंचाने के लिए 8708 मीटर लंबी टनल, 89.40 किमी दायीं मुख्य नहर और 51.95 किमी बायीं मुख्य नहर का निर्माण किया जा रहा है। अड़चनों के बावजूद बढ़ी काम की रफ्तार
सूत्रों के अनुसार नहर निर्माण में कुछ स्थानों पर कोर्ट स्टे और मुआवजा विवाद के चलते कार्य प्रभावित हुआ था। हालांकि अब प्रशासन और पुलिस के सहयोग से इन बाधाओं को दूर किया जा रहा है, जिससे परियोजना की रफ्तार में तेजी आई है। साथ ही इस मानसून में बांध में पानी भरने की तैयारी ने किसानों में नई उम्मीद जगा दी है। यदि तय समय पर कार्य पूरा हुआ, तो आने वाला रबी सीजन हाड़ौती के किसानों के लिए राहत और समृद्धि लेकर आ सकता है।



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