अलीगढ़ जीआरपी और एसटीएफ ने 14 साल पहले रेलवे स्टेशन से पुलिस अभिरक्षा से भागे हत्या के आरोपी को मथुरा से गिरफ्तार कर लिया है। फरार होने के बाद पुलिस ने आरोपी राजनीश उर्फ चंद्रभान निवासी कजरौठ, थाना इगलास पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। आरोपी डेढ़ दशह से अपनी पहचान बदलकर दिल्ली और राजस्थान में छिपकर रह रहा था। भांजी के प्रेम विवाह से था नाराज पकड़े गए आरोपी रजनीश की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। वह पढ़ा-लिखा है और उसने बंगलूरू से बी-फार्मा किया था। वह रुड़की (उत्तराखंड) में एक अच्छी नौकरी कर रहा था, लेकिन एक पारिवारिक घटना ने उसे अपराधी बना दिया। रजनीश की भांजी ने अपनी पसंद से प्रेम विवाह कर लिया था। इससे नाराज रजनीश ने भांजी के पति सोनू चौहान की साल 2010 में मुरादाबाद में गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया था। 2012 में अलीगढ़ जंक्शन से हुआ था फरार हत्या के मामले में मुरादाबाद जेल में बंद रहने के दौरान रजनीश की पत्नी ने उस पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था। इसी केस की पेशी के लिए 8 अगस्त 2012 को पुलिस उसे मुरादाबाद से अलीगढ़ कोर्ट ले जा रही थी। जैसे ही ट्रेन अलीगढ़ जंक्शन पर रुकी, रजनीश पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भीड़ का फायदा उठाते हुए भाग निकला। तब से पुलिस इसकी तलाश में कर रही थी। STF ने बिछाया जाल बरेली एसटीएफ के एसपी अब्दुल कादिर को इनपुट मिला था कि 50 हजार का इनामी अपराधी मथुरा में पहचान बदलकर रह रहा है। आरोपी मथुरा की गिर्राजधाम कॉलोनी महोली रोड में नाम बदलकर छिपा था। इसके बाद एसटीएफ के उपनिरीक्षक धूम सिंह और जीआरपी अलीगढ़ के इंस्पेक्टर विकास कुमार सक्सेना की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की। सटीक सूचना के आधार पर टीम ने दबिश देकर आरोपी को दबोच लिया। 14 साल तक बदलता रहा ठिकाने पूछताछ में रजनीश ने बताया कि फरारी के दौरान वह कभी एक जगह नहीं रुका। पुलिस की नजरों से बचने के लिए उसने कई शहर बदले। भागने के बाद शुरुआती समय दिल्ली की भीड़भाड़ में बिताया। इसके बाद पहचान छुपाकर कुछ समय राजस्थान के अलग-अलग जिलों में रहा। वर्तमान में वह मथुरा को अपना ठिकाना बनाए हुए था और सामान्य जीवन जी रहा था ताकि किसी को शक न हो। आरोपी को न्यायालय में पेश कर भेजा जेल जीआरपी इंस्पेक्टर विकास कुमार सक्सेना ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर है और 2012 से फरार चल रहा था। एसटीएफ बरेली और जीआरपी अलीगढ़ के संयुक्त प्रयास से इसे गिरफ्तार किया गया है। उसे न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
Source link