छिंदवाड़ा के पेंच नेशनल पार्क के कुंभपानी बफर जोन स्थित जमतरा गेट पर सोमवार रात उस समय तनाव फैल गया, जब टाइगर के हमले में एक युवक की मौत हो गई। उसका क्षत-विक्षत शव मिलने की खबर गांव के लोगों तक पहुंची। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीण बड़ी संख्या में गेट पर जुट गए और जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। शव की हालत देख दहशत ग्राम नाहरझिर निवासी दिनेश (पिता पुसू सेवतकर) पर टाइगर ने हमला कर दिया। हमले की भयावहता का अंदाजा शव की हालत से लगाया जा सकता है- टाइगर ने युवक के शरीर को बुरी तरह नोच डाला। कंधे का हिस्सा खा लिया गया, एक हाथ शरीर से अलग मिला और गर्दन भी धड़ से अलग पाई गई। शव तीन हिस्सों में बंटा हुआ मिला, जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोग सिहर उठे। 15 दिनों से बना था खौफ ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले करीब 15 दिनों से इलाके में टाइगर का लगातार मूवमेंट देखा जा रहा था। इस दौरान कई मवेशियों का शिकार भी हुआ, लेकिन बार-बार सूचना देने के बावजूद वन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। इसी लापरवाही को लेकर लोगों में पहले से ही आक्रोश था। टीम पहुंची तो भड़का गुस्सा वन विभाग को युवक का शव कोर एरिया में मिलने की सूचना मिली। जैसे ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और जमतरा गेट पर हंगामा शुरू हो गया। अधिकारियों ने संभाला मोर्चा स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। एसडीएम प्रभा सिंह, एसडीओ फॉरेस्ट अतुल पाटी, तहसीलदार और चांद थाना निरीक्षक राकेश सिंह बघेल सहित पुलिस बल ने ग्रामीणों को समझाइश देकर स्थिति को शांत कराने की कोशिश की। ग्रामीणों की मांग ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मांग की है कि टाइगर के मूवमेंट को नियंत्रित किया जाए और इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। फिलहाल मौके पर पुलिस और वन विभाग की टीम तैनात है और हालात को नियंत्रण में रखने का प्रयास जारी है।
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