महोबा शहर के चर्चित प्रियंका हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 14 अप्रैल को सुभाष नगर इलाके में हुई हत्या के मामले में तीसरे आरोपी भूरा सिंह उर्फ भगवान सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी मृतका के परिजनों द्वारा पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने और मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी की मांग के बाद हुई। 14 अप्रैल को महोबा के सुभाष नगर में प्रियंका की निर्मम हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। इस मामले में पुलिस ने पहले सुमित और धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, मृतका के परिजन इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे और उनका आरोप था कि एक आरोपी अभी भी फरार है। मृतका के पिता मानिकचंद्र और भाई पुष्पेंद्र ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई थी। भाई पुष्पेंद्र ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने जिन दो युवकों को जेल भेजा है, उनमें से एक सुमित दरअसल भूरा सिंह का ड्राइवर है। परिजनों के अनुसार, असली गुनहगार भूरा सिंह उर्फ भगवान सिंह है, जो लंबे समय से प्रियंका को परेशान कर रहा था। प्रियंका का रिश्ता तय होने के बाद भूरा सिंह ने उसे और उसके परिवार को खत्म करने की धमकी दी थी और साजिश रचकर वारदात को अंजाम दिया। परिजनों के आक्रोश और बढ़ते दबाव के बीच, पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह ने सख्त निर्देश जारी किए। इसके बाद कोतवाली नगर पुलिस ने अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह के पर्यवेक्षण में जाल बिछाया। पुलिस टीम ने राठ रोड स्थित बीएसएनएल टावर के पास से वांछित अभियुक्त भूरा सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद, परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। पीड़ित परिवार अब प्रशासन से मांग कर रहा है कि आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो और उन्हें फांसी की सजा मिले। इसके साथ ही, परिजनों ने आरोपियों की संपत्ति पर बुलडोजर चलाने की भी मांग उठाई है।
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