उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद फ्लैट खरीदारों को राहत और प्लॉट लेने वालों पर हल्का बोझ—दोनों साथ लेकर चलने की तैयारी में है। 23 अप्रैल को होने वाली बोर्ड बैठक में ऐसा प्रस्ताव रखा जाएगा, जिसमें फ्लैट की कीमतों में 15% तक छूट और प्लॉट के दाम 5% तक बढ़ाने की मंजूरी मांगी जाएगी। खाली फ्लैट बेचने के लिए बड़ा दांव परिषद के पास लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, मेरठ और आगरा में बड़ी संख्या में फ्लैट लंबे समय से खाली पड़े हैं। पिछले साल सीमित योजनाओं में कीमत घटाने का प्रयोग सफल रहा था, जिसके बाद अच्छी बिक्री हुई। अब इसी फॉर्मूले को सभी प्रमुख योजनाओं में लागू करने की तैयारी है। प्रस्ताव पास होने के करीब एक महीने के भीतर छूट लागू हो सकती है। जहां जमीन नहीं, वहां बढ़ोतरी नहीं परिषद ने साफ किया है कि जिन योजनाओं में फिलहाल जमीन उपलब्ध नहीं है, वहां प्लॉट की कीमतें नहीं बढ़ेंगी। यानी बढ़ोतरी सिर्फ उन्हीं इलाकों में होगी जहां नए प्लॉट आवंटन की गुंजाइश है। चक्रवृद्धि ब्याज और पेनल्टी में राहत नई योजना में बकायेदारों को भी राहत देने का प्रावधान है। समय पर किस्त न जमा करने पर लगे दंड और चक्रवृद्धि ब्याज में छूट मिलेगी। यह लाभ आवासीय, व्यावसायिक, संस्थागत, स्कूल, चैरिटेबल संस्थाओं और सहकारी समितियों को आवंटित संपत्तियों पर भी लागू होगा। राजस्व संतुलन के लिए प्लॉट महंगे परिषद लखनऊ की अवध विहार और वृंदावन योजना समेत उन इलाकों में प्लॉट के दाम बढ़ाने जा रहा है, जहां मांग बनी हुई है और जमीन उपलब्ध है। अधिकारियों का कहना है कि इससे राजस्व संतुलन बना रहेगा। जहां छूट नहीं, वहां बिक्री ठप अधिकारियों के मुताबिक जिन परियोजनाओं में पहले कीमतें नहीं घटाई गई थीं, वहां फ्लैटों की बिक्री लगभग रुक गई थी। इसी अनुभव के आधार पर अब सभी योजनाओं को छूट के दायरे में लाया जा रहा है, ताकि रुकी बिक्री को रफ्तार मिल सके।
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