मथुरा के थाना बलदेव क्षेत्र में 10 दिन पहले यमुना एक्सप्रेस वे पर मिली अज्ञात युवती की पुलिस ने पहचान कर ली और उसके हत्यारों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार भी कर लिया। इस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करने के लिए पुलिस ने तकनीक का सहारा लिया। पुलिस ने A I की मदद से अज्ञात युवती की शिनाख्त की तो CCTV कैमरों की मदद से उसके हत्यारों तक पहुंची। इस खुलासे में मथुरा पुलिस की 4 टीमों ने काम किया। 13 अप्रैल को मिला था शव 13 अप्रैल को थाना बलदेव क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस वे पर नोएडा से आगरा की तरफ जाने वाली साइट पर माइल स्टोन 130.800 पर एक अज्ञात युवती का शव मिला। शरीर पर चोट के निशान थे,जिसे संभावना व्यक्त की गई कि इसकी हत्या की गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और शिनाख्त में जुट गई। ऐसे की शिनाख्त शव को पोस्टमॉर्टम हाउस भेजने के बाद एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत के निर्देशन में मथुरा पुलिस की 4 टीम उसकी शिनाख्त करने के प्रयास शुरू कर दिए। पुलिस ने आसपास के लोगों के अलावा समीपवर्ती जिलों में जानकारी की। लेकिन जब कोई सफलता नहीं मिली तो फिर तकनीक का सहारा लिया। इसके बाद एसपी देहात ने युवती का फोटो A I के जरिए एक पहचान करने वाली पुलिस की साइट पर डाला। जिसके बाद युवती के सोशल मीडिया एकाउंट की जानकारी मिली। परिवार से किया संपर्क पुलिस ने युवती के सोशल मीडिया एकाउंट को खंगाला तो पता चला कि मृतिका देवरिया जिले की रहने वाली थी और उसकी उम्र 23 साल थी। इसके बाद पुलिस ने परिवार से संपर्क किया। पहले तो परिवार आने को तैयार नहीं था। लेकिन बाद में पुलिस के समझाने पर मथुरा आ गया और शव की शिनाख्त अपनी बेटी के रूप में की। 3 साल से अलग रह रही थी मृतिका परिवार ने पुलिस को बताया कि 23 साल की बेटी जिद्दी थी। वह अलग ही तरह से अपना जीवन जीना चाहती थी। जिसके कारण 3 साल पहले वह परिवार से झगड़ कर दिल्ली आ गई। इसके बाद परिवार ने भी संपर्क नहीं रखा। मृतिका दिल्ली में रहकर किसी प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती थी। पुलिस के समझाने पर परिजन मान गए और गमगीन माहौल में मथुरा के ध्रुव घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आए चोट के निशान मृतिका की शिनाख्त के बाद पुलिस को मिली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला कि युवती की हत्या पहले गला दबाकर और उसके बाद पेचकस और पाना से वार कर की गई थी। इसके बाद पुलिस हत्यारों की तलाश में जुट गई। इसी दौरान पुलिस को पता चला कि युवती का 6 महीने से औरैया के रहने वाले ब्रजेश नाम के युवक से अफेयर था। बृजेश भी दिल्ली रहता था। बृजेश के साथ आई वृंदावन घूमने मृतिका 11 अप्रैल को अपने प्रेमी बृजेश और उसके दोस्त इटावा निवासी विकास के साथ वृंदावन घूमने आए। यहां वह दो दिन तक घूमे। 13 अप्रैल को जब यह लोग यमुना एक्सप्रेस वे से वापस जा रहे थे इसी दौरान युवती ने अपने प्रेमी बृजेश को बताया कि वह प्रेग्नेंट है और जल्द से जल्द शादी करना चाहती है। यह सुनकर ब्रजेश की युवती से कहासुनी हुई। इसी दौरान गाड़ी में ब्रजेश ने युवती की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद दोस्त के साथ मिलकर पेचकस और पाना से वार किया। शव को फेंककर भागे आरोपी हत्या के बाद बृजेश और उसके दोस्त विकास ने युवती के शव को यमुना एक्सप्रेस वे पर ही फेंक दिया और भाग गए। पुलिस ने हत्यारों को पकड़ने के लिए मौके से लेकर वृंदावन तक 200 से ज्यादा CCTV कैमरे खंगाले। 3 दिन पुलिस कर्मी भेष बदलकर वृंदावन में घूमे। यहां जब पुष्ट हो गया कि आरोपी वारदात से पहले वृंदावन आए तो उनको पकड़ने के प्रयास तेज कर दिए। पुलिस से बचने को कर रहे थे भागने का प्रयास पुलिस आरोपियों को पकड़ने का प्रयास कर रही थी और आरोपी मथुरा जिले में रहकर ही पुलिस से बचने का प्रयास कर रहे थे। मंगलवार की रात पुलिस को पता चला कि आरोपी उत्तरी बाईपास कंजौली घाट से होकर जिले से बाहर जाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके बाद बलदेव पुलिस और स्वाट टीम उनको पकड़ने पहुंच गई। जहां आरोपियों ने पुलिस पर फायर कर दिया। जिसके जवाब में पुलिस ने फायरिंग की। जिसमें बृजेश और विकास गोली लगने से घायल हो गए। घायलों को पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया।
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