अलीगढ़ में पुरानी दिल्ली से सिक्किम जा रही महानंदा एक्सप्रेस (15484) में मंगलवार सुबह एसी कोच से चिंगारी उठने से हड़कंप मच गया। कोच से धुआं उठता देख यात्रियों में चीखपुकार मच गई। आनन-फानन ट्रेन को अलीगढ़ स्टेशन पर रोका गया, जहां तकनीकी खामी दूर करने के बाद उसे रवाना किया गया। गेटमैन की सतर्कता से टला बड़ा हादसा हादसे सुबह करीब 10 बजे हुआ। ड्यूटी पर तैनात गेटमैन रविंदर कुमार शर्मा ने ट्रैक से गुजरती ट्रेन के कोच से धुआं और चिंगारियां उठते देखीं। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। अनहोनी की आशंका को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने तत्काल ओवरहेड इलेक्ट्रिक सप्लाई बंद करवा दी, ताकि किसी भी तरह की आग को फैलने से रोका जा सके। प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर अफरातफरी ट्रेन को अलीगढ़ स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर लिया गया। धुआं देख कोच में सवार यात्री अपना सामान लेकर नीचे उतरने लगे। मौके पर डिप्टी एसएस राजाबाबू और अनिल कुमार के नेतृत्व में कोच मेंटेनेंस टीम पहुंची। जांच में पाया गया कि यह समस्या ब्रेक बाइंडिंग (ब्रेक के पहियों से चिपके रह जाने) की वजह से हुई थी। 10 मिनट के लिए रुका था संचालन उत्तर मध्य रेलवे के जन संपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि महानंदा एक्सप्रेस के एसी कोच (A-1) में ब्रेक बाइंडिंग की वजह से हल्का धुआं उठा था। तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर इसे तुरंत ठीक कर दिया। सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन को 10 मिनट रोका गया था। अब सभी यात्री सुरक्षित हैं और ट्रेन संचालित है। ब्रेक बाइंडिंग के बारे में जानें अक्सर ट्रेनों में तकनीकी खराबी के कारण ब्रेक के ‘शू’ पहियों से रगड़ खाने लगते हैं और पूरी तरह रिलीज नहीं हो पाते। तेज रफ्तार में लगातार रगड़ की वजह से घर्षण पैदा होता है, जिससे पहियों से धुआं और चिंगारी निकलने लगती है। समय रहते ध्यान न देने पर यह आग का रूप भी ले सकती है।
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